आष्टा कांग्रेस ने दिखाई हिम्मत, सीहोर, बुदनी और इछावर में कब टूटेगी खामोशी…

सीहोर। इंदौर में दूषित पानी से हुई मासूमों की मौत और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित ‘घंटा’ शब्द वाले बयान ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। लेकिन सीहोर जिले में इस मुद्दे पर विपक्षी सक्रियता का एक अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा होने के बावजूद जहाँ आष्टा कांग्रेस ने आज विधायक कार्यालय के सामने घंटा बजाने की हिम्मत दिखाने जा रही है, वहीं जिले की अन्य तीन प्रमुख सीटों सीहोर, बुदनी और इछावर में कांग्रेस ऐसा प्रदर्शन कब करेगी, यह चर्चा का कारण बना हुआ है।
आष्टा कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा जारी विज्ञप्ति में भाजपा शासित इंदौर नगर निगम और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंदौर में लोगों को मलमूत्र मिश्रित गंदा पानी पीने पर मजबूर किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 14 लोगों की जान चली गई और वर्तमान में लगभग 2800 लोग अस्पतालों में उपचाररत हैं।
मंत्री के बयान पर आक्रोश
कांग्रेस का आरोप है कि एक तरफ जनता अपनों को खोने के गम में है, वहीं प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय संवेदनहीनता दिखाते हुए मीडिया के सवालों पर घंटा जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेसजनों का कहना है कि यह जनता के घावों पर नमक छिडक़ने जैसा है और इसी के प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप आज विधायक कार्यालय के सामने घंटा बजाकर सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास किया जाएगा।
दोपहर 1 बजे होगा प्रदर्शन
रविवार दोपहर 1 बजे आष्टा विधायक कार्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और एससी-एसटी प्रकोष्ठ सहित मंडलम-सेक्टर के अध्यक्ष व बीएलए बड़ी संख्या में शामिल होंगे।



