
आष्टा। मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी सहित कई अन्य विभागों में कार्यरत आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकालने के बाद उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी आउट सोर्सिंग कर्मचारी महांकाल की नगरी उज्जैन से पैदल चलकर भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी दो सूत्रीय मांगें रखेंगे। पिछले दिनों यह पैदल यात्रा सीहोर जिले के आष्टा पहुंची। आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री राहुल मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में करीब 45 हजार आउट सोर्स कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे, जिन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगे मानी जाएगी। इंदौर सांसद एवं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए आश्वासन पर हमने अपनी हड़ताल स्थगित की थी। 26 जनवरी के पूर्व ग्लोबल समिट में एमडी द्वारा आश्वासन दिया गया था कि आपकी हड़ताल से प्रदेश की छवि खराब होगी, इसलिए 26 जनवरी के बाद आपकी मांगों का निराकरण किया जाएगा, लेकिन बहुत समय बीतने के बाद भी हमारी मांगों को नजरअंदाज किया गया। एक हजार आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। हमारे सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है, हमें बिजली विभाग ने ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया है। अब हम कहीं पर भी काम नहीं कर सकते। हमारा भविष्य अंधकार में हो गया है, इसलिए पैदल चलकर एक बार मुख्यमंत्री से अपनी बात करेंगे और उम्मीद है कि चुनावी साल में प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री हमारी बातों को मानेंगे। यदि हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आमरण अनशन, भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। पद यात्रा में शामिल कर्मचारियों में प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत, महासचिव नितिन गवंडे, प्रदेश महामंत्री राहुल मालवीय, जिला अध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र प्रभारी सीहोर राहुल मालवीय, पूर्व क्षेत्र प्रभारी सतीश साहू, भोपाल अध्यक्ष निखिल यादव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।