
सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में चल रहे भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के बीच मंगलवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे। उनके आगमन से पूरा परिसर जय श्री राम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। बता दें यह पहला अवसर था जब बागेश्वर सरकार सीहोर की पावन धरा पर पहुंचे।
मंच पर जब पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र शास्त्री का मिलन हुआ तो बागेश्वर सरकार ने अपने चिरपरिचित चुटीले अंदाज में भक्तों का दिल जीत लिया। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर मुस्कुराते हुए कहा हमने महाराज जी का कर्जा उतार दिया है। महाराज जी बागेश्वर धाम आए थेए अब हम यहां आ गए हैं। हम किसी का कर्जा उधार नहीं रखते, आज हिसाब बराबर हो गया। उन्होंने आगे कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा जी हमसे बढ़ें हैं और वे जैसा मार्ग दिखाते हैंए हम भी वैसा ही कर रहे हैं।
कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनना परम सौभाग्य
पंडित शास्त्री ने व्यास पीठ को नमन करते हुए कहा कि गुरुजी पंडित प्रदीप मिश्रा पूरे देश में सनातन को जोडऩे का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उनकी कथा अपने शहर में सुनना भाग्य है, लेकिन कुबेरेश्वर धाम आकर सुनना परम सौभाग्य है। उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं को शिव और हनुमान भक्ति का संदेश दिया।
विद्रोहियों से सावधान रहें युवा
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने सनातन धर्म के प्रति बढ़ती चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज विद्रोही हमारे शास्त्रों को नष्ट करने में लगे हैं और दुखद यह है कि हमारे अपने लोग मोबाइल के जाल में फंसकर दूसरे धर्मों की पुस्तकें पढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली वेदों और ग्रंथों को पढऩे की अपील की।
भक्ति और विज्ञान का अनूठा संगम
पंडित मिश्रा ने बटरफ्लाई इफेक्ट का उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि एक तितली के पंख फडफ़ड़ाने से दुनिया पर असर हो सकता है तो श्रद्धा से चढ़ाया गया एक लोटा जल और बेलपत्री खाली कैसे जा सकती है। उन्होंने देवराज ब्राह्मण की कथा सुनाते हुए कहा कि गलत संगत जीवन उजाड़ देती है, इसलिए हमेशा सत्संग का मार्ग चुनें।
अखंड हिन्द फौज का सम्मान
महोत्सव के दौरान सेवा में जुटे अखंड हिन्द फौज के 500 कैडेटों को पंडित मिश्रा ने मंच पर सम्मानित किया और उन्हें उपहार स्वरूप जैकेट प्रदान की। फौज के महानिदेशक राजेंद्र त्रिपाठी ने सेवा का अवसर मिलने पर आभार जताया।