बजट को भाजपा ने बताया जनकल्याणकारी, कांग्रेस बोली ये प्रदेश के लिए सर्वनाशी
Sumit Sharma
सीहोर। मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। बजट के बाद भाजपा और कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रियाएं भी आईं। सीहोर में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने जहां मध्यप्रदेश के बजट को विकसित एमपी के संकल्प को साकार करने वाला बताया तो वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने इसे किसान, गरीब, युवाओं का विरोधी बताया। बजट विकसित एमपी के संकल्प को साकार करने वाला: नरेश मेवाड़ा भाजपा के सीहोर जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने विधानसभा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के साथ जनकल्याण को नई ऊंचाई देगा। मध्यप्रदेश का प्रस्तुत बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताई गई चार जातियां, गरीब, युवा, नारी और किसानों की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त करेगा। यह बजट मध्यप्रदेश के समग्र विकास व सुदृढ़ अर्थव्यवस्था का दृष्टिपत्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ आत्मनिर्भर बनाने का जो लक्ष्य लेकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने पूंजीगत व्यय को बजट में बढ़ाया है, जिससे मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना साकार होगी। इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 4,38,317 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। बजट में स्वयं के व्यय से 1,17,667 करोड़ का राजस्व प्राप्त का लक्ष्य है। केंद्र सरकार से 1,12,137 करोड़ प्राप्त होंगे। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि से स्पष्ट है कि यह बजट प्रदेश के भविष्य को और सशक्त बनाने वाला है। पिछले वर्ष के अपेक्षा में पूंजीगत व्यय में 7.5 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास और सशक्त होगा। अनुसूचित जनजाति विभाग के बजट में 25.8 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 47,429 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं अनुसूचित जाति विभाग के बजट में भी 17 प्रतिशत की वृद्धि कर 31,192 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन दोनों विभागों के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांत पर चलते हुए अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है। प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद पिछले वर्ष की अपेक्षा 10.69 वृद्धि के साथ 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ है, जो हमारी सरकार की प्रदेश के विकास की प्रतिबद्धता को दिखाता है। भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट ऐतिहासिक है। यह 4,38,317 करोड का यह बजट मध्यप्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय दो वर्ष में 1,41,000 से बढ़कर 1,69,000 हो गई है। यह 19.25 प्रतिशत की वृद्धि सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा एक लाख सोलर पंप किसानों को देने की तैयारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और फसल बीमा के लिए 1300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,882 हजार करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए 5700 महिला हॉस्टल के निर्माण तथा उनकी सुरक्षा और पेंशन पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25 हजार करोड़ के ऋण प्रावधान किया गया है। साथ ही खेलों के विकास के लिए 815 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु मजरे-टोले की सड़कों के लिए 21 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। शिक्षा को और व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए 294 विद्यालय किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने आंगनवाड़ियों में बच्चों को पोषण आहार को और पुख्ता करने के लिए ट्रेटा दूध दिया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार करोड़ का प्रावधान कर चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके साथ ही 72 नई ई-बस सेवाओं की शुरुआत कर शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। बजट में किए गए इन प्रावधानों से महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों के लिए खुशहाली के द्वार खुल जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार हर समाज, वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को रोजगार और व्यवसाय उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाया। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण व किसानों क आय दोगुनी करने के लिए भाजपा सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष मना रही है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि व मुख्यमंत्री सम्मान निधि के प्रति वर्ष 12 हजार रूपए दिए जा रहे हैं। किसानों को 1 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। वीबीजी रामजी योजना के लिए 10 हजार 428 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों के विकास का निर्णय अब पंचायत स्तर पर पारदर्शिता के साथ हो सकेगा। किसानों की खुशहाली बढ़ाने के लिए सिंचाई के रकबे में लगातार वृद्धि की जा रही है। नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड, चंबल, मालवांचल के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेशभर में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष मना रही है। बजट में किसान, युवाओं, गरीबों के लिए कुछ नहीं: राजीव गुजराती मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश किए गए आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि इस बजट में प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों सहित अन्य वर्गों से किए गए चुनावी वादों को कोई स्थान नहीं दिया। यह जनता के साथ विश्वासघात है। किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि उपकरण पर जीएसटी समाप्त करने जिसकी मांग किसान काफी लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसका कोई न प्रावधान नहीं हुआ है न ही सरकार ने कोई ठोस आश्वासन दिया है। इस बजट में कर्मचारी और मजदूरों के लिए कुछ खास नहीं है। यह सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है, लेकिन आम जनता को कोई फायदा नहीं दे रही है। इस बजट में आम व्यक्ति को राहत नहीं, बल्कि आंकड़ों का हेर-फेर है और जुमले की बौछार है। सरकार ने आंकड़ों की बाजीगरी कर प्रदेश में सब चंगा सा बताने की कोशिश की है।