अपमान से आहत भाजपा नेता भट्ट ने दिया इस्तीफा…

सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आष्टा दौरे में जहां विकास की 185 करोड़ की सौगातें बांटी गईं, वहीं भाजपा संगठन की लचर प्लानिंग और अंतर्कलह ने इन खुशियों को फीका कर दिया। महिला सशक्तिकरण के नाम पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में खुद भाजपा की चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधियों को मंच पर जगह नहीं मिली, जिससे नाराज होकर भाजपा के दिग्गज नेता कालू भट्ट ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

हैरानी की बात यह रही कि जिन महिला पार्षदों को जनता ने वोट देकर सदन में भेजा है, वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मीडिया और दर्शक दीर्घा में बैठने को मजबूर थीं। वार्ड 12 की पार्षद अनीता भट्ट, वार्ड 18 की पार्षद लता मुकाती और नगर मंडल मंत्री प्रिया खंडेलवाल जैसे सक्रिय चेहरे मंच के नीचे नजर आए। महिला नेत्रियों ने ऑफ कैमरा अपना दर्द बयां करते हुए कहा मंच पर ऐसे चेहरों को जगह दी गई जिनका जनता से कोई जुड़ाव नहीं है, जबकि हमें अपमानित होना पड़ा।
सीहोर से आष्टा तक अपमान की ‘पुनरावृत्ति’
भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि जिला पदाधिकारियों के पास मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को लेकर कोई ठोस प्लानिंग नहीं रहती। इससे पहले सीहोर जिला मुख्यालय पर भी महिला मोर्चा की नगर मंडल अध्यक्ष को मंच पर जाने से रोका गया था और अब आष्टा में वही कहानी दोहराई गई। दो दिन से आष्टा में डेरा डाले बैठे जिला पदाधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की अव्यवस्था ने संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब और नहीं सहेंगे तिरस्कार
अपनी पार्षद पत्नी और समर्पित कार्यकर्ताओं के अपमान से आहत होकर भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और कद्दावर नेता कालू भट्ट ने पार्टी छोडऩे का बड़ा फैसला लिया है। कालू भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा कि वे भाजपा के स्वाभिमानी कार्यकर्ता हैं, लेकिन वर्तमान में कार्यकर्ताओं के साथ जो दुव्र्यवहार हो रहा है, वह असहनीय है। उन्होंने ऐलान किया है कि वे कल भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेवाल से मिलकर अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपेंगे।
असंतोष ने फीकी की सौगातों की चमक
भले ही सरकार ने विकास कार्यों की झड़ी लगा दी हो, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर सडक़ों तक कार्यकर्ताओं की नाराजगी हावी रही। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब संगठन अपने ही प्रतिनिधियों को सम्मान नहीं दे पा रहा तो विकास की इन सौगातों का क्या अर्थ जिले में बढ़ती यह अंतर्कलह आगामी समय में भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।

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