
सीहोर। भारत की आगामी जनगणना.2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। जनगणना निदेशालय भोपाल के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत सभाकक्ष में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा अधिकारियों को मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गणना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक सर्वे करने वाले कर्मचारी हर भवन और परिवार की पहचान करेंगे। इसमें मकान की स्थिति, वहां उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों का डेटा जुटाया जाएगा। यही डेटा दूसरे चरण की मुख्य जनसंख्या गणना का आधार बनेगा।
पहली बार स्व-गणना की सुविधा
इस बार की जनगणना में एक बड़ा बदलाव किया गया है। नागरिक अब 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच खुद भी अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद एक विशिष्ट एसईआईडी जनरेट होगी। हालांकि खुद जानकारी भरने के बाद भी प्रगणक का घर पर आकर भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य होगा। यह सुविधा केवल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए है।
मोबाइल ऐप से होगा सर्वे
अब जनगणना का काम कागजों के बजाय डिजिटल होगा। प्रगणक स्व. मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा सिंक करेंगे। हर मकान पर नंबर डालेंगे और लेआउट मैप तैयार करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी इलाका या मकान छूट न जाए और डेटा में कोई गलती न हो। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, ट्रेनिंग और पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रशिक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य स्तर से नियुक्त प्रशिक्षक यशस्वी जायसवाल, परिधि भाटी और अशोक चौबे ने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर एवं जनगणना प्रभारी अधिकारी जीमल खान, एसडीएम नितिन टाले, दिनेश सिंह तोमर, तन्मय वर्मा, धीरेंद्र कुशवाह, स्वाति मिश्रा, जिला योजना अधिकारी संजय लक्केवार सहित सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे।