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कलेक्टर ने सीहोर जिले में धारा-144 लगाई, कांग्रेस बोली इतनी जल्दी लगाना उचित नहीं, देखिए क्या-क्या नहीं करना है?

- सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि के दुरूपयोग करने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई, होटल, लॉज, धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्ति कोे देनी होगी पुलिस कोे सूचना, जनसभा, रैली एवं जुलूसों पर रहेगा 4 नवंबर तक प्रतिबंध

सीहोर। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक दलों की तैयारियां चल रही है तो वहीं प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी निर्देश जारी हो रहे हैं। इसी के तहत जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं कलेक्टर ने सीहोर जिले में धारा-144 लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि के दुरूपयोग करने पर प्रतिबंध लगाते हुए दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह होटल, लॉज, धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्ति को संबंधित पुलिस थाने में पुलिस कोे सूचना देगी होगी। जारी निर्देशों में जनसभा, रैली एवं जुलूसों पर भी 4 नवंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इधर सीहोर जिले में धारा-144 को लेकर कांग्रेस ने सवाल भी उठाया है। कांग्रेस नेता एवं नर्मदा सेवा सेना के संयोजक अभिनेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने कहा है कि इतनी जल्दी धारा-144 लगाना उचित नहीं है, क्योंकि इस समय धार्मिक माह श्रावण चल रहा है। श्रावण मास में लगातार धार्मिक आयोजन होते हैं। कावड़ यात्राएं निकलती हैं। आने वाले समय में गणेश उत्सव, नवरात्रि का भी त्यौहार आ रहा है। 15 अगस्त को भी प्रभात फेरी का जुलूस निकाला जाता है। क्या प्रशासन धारा-144 का पालन करा पाएगा। कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने कहा है कि इतनी जल्दी धारा-144 लगाना कहीं से भी तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता है। धारा-144 को लेकर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि धारा 144 के लिए तो पहले से ही नियम है।
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने लगाई धारा 144 –
विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रवीण सिंह ने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के प्रतिवेदन पर जिले में धारा-144 लागू की है। असामाजिक तथा शरारती तत्वों द्वारा इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम का दुरूपयोग कर सांप्रदायिक, धार्मिक तथा जातिगत विद्वेष पहुंचाने से दुर्भावनापूर्ण पोस्ट करने की संभावना रहती है। जिले में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने, जनसामान्य की सुरक्षा व सामुदायिक एवं धार्मिक सद्भावना तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए राजस्व सीमाओं के भीतर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में ये निर्देश-
– कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों व्हाटसअप, फेसबुक, हाईक, ट्वीटर एसएमएस, इन्स्टग्राम आदि का दुरूपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों के प्रसारण नहीं करेंगे।
– कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो ऑडियो, वीडियो आदि का प्रसारण नहीं करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, साम्प्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, उसे कमेंट, लाईक, शेयर या फारवर्ड नहीं करेंगे।
– ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी की यह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध दंड संहिता की धारा-188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
– सभी होटल, धर्मशाला, लॉज, मुसाफिरखाने, मकान मालिकों तथा प्रबंधकों को होटल, धर्मशाला, लॉज, मुसाफिरखाने, मकान में ठहराने वाले व्यक्ति की दैनिक जानकारी संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से देनी होगी।
– कलेक्टर द्वारा 1973 की धारा 144 के तहत जारी आदेश के अनुसार जिले में होटल, लाज, धर्मशाला, मुसाफिरखाने आदि में बाहर से आकर रूकने वाले व्यक्तियों के संबंध में प्रबंधकों एवं मालिक के लिए यह अनिवार्य होगा कि किसी भी व्यक्ति को ठहराने की अनुमति देने के पूर्व प्रमाणिक पहचान पत्र के पश्चात ही सही व्यक्ति की संतुष्टि होने पर ही उसे ठहराने की अनुमति दे एवं उसके संपूर्ण विवरण के साथ इसकी सूचना संबंधित थाने को उसी दिन देगा।
– पहचान पत्र संबंधित दस्तावेज की छायाप्रति अपने अभिलेख में रखना अनिवार्य होगा। प्रत्येक मकान मालिक एवं किसी घरेलू नौकर के मालिक के लिए यह आवश्यक होगा कि उनके मकान में किराए से रह रहे व्यक्तियों के बारे में तथा जब भी नए किराएदार को मकान किराए पर दे अथवा ऐसा कोई घरेलू नौकर रखे तब तत्संबंधी सूचना संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से देंगे।
– प्रबंधकों एवं मालिकों द्वारा अपने होटल, मुसाफिरखाने में रूके व्यक्ति, किरायेदार, नौकर के बारे में निर्धारित प्रारूप अपने क्षेत्रीय पुलिस थानों को जानकारी नहीं देने पर 1973 की धारा 144 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
– जिले में कोई भी व्यक्ति पुलिस को पूर्व सूचना दिए बिना कोई सभा, जुलूस तथा वाहन रैली का आयोजन नहीं करेंगे।
– कोई भी व्यक्ति सक्षम अधिकारी (अनुविभागीय दंडाधिकारी) की 48 घंटे के पूर्व अनुमति तथा पुलिस को पूर्व सूचना दिए बिना रैली, जुलूस, वाहन रैली आयोजित नहीं करेंगे।
– दिव्यांग, निशक्तजन एवं वृद्ध व्यक्ति के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति संगठन या समूह लाठी, डंडा लेकर नहीं चलेगा और लाठी, डंडा, पत्थर या किसी प्रकार के घातक पदार्थों या अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह भी नहीं करेगा। अनुज्ञप्तिधारी को छोड़कर कोई भी व्यक्ति बारूद, पटाखों, पेट्रोल, ज्वलनशील पदार्थों का संग्रहण और निर्माण नहीं करेगा।

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