सडक़ हादसों पर लगाम लगाने के लिए कलेक्टर सख्त
ओवरस्पीडिंग पर रडार गन से होगी नजर, घायलों की जान बचाने वाले राहवीर को मिलेंगे 25 हजार

सीहोर। जिले में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर बालागुरु के. ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। गुरुवार को आयोजित जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि नियम तोडऩे वालों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि तेज गति हादसों की सबसे बड़ी वजह है। अब हाईवे और मुख्य मार्गों पर टोल नाकों के पास स्पीड रडार गन तैनात की जाएगी, जो भी वाहन तय सीमा से अधिक रफ्तार में दिखेगा, उस पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा शराब पीकर गाड़ी चलाने, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वालों के खिलाफ भी कड़ा अभियान चलाया जाएगा।
राहवीर योजना: जान बचाने पर सम्मान और इनाम
बैठक में कलेक्टर ने राहवीर योजना का विशेष उल्लेख करते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर ‘शुरुआती एक घंटा’ में अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिक को शासन द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगीए बल्कि उसे सम्मानित किया जाएगा।
ब्लैक स्पॉट और अतिक्रमण पर चलेगा डंडा
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बार-बार हादसे होते हैं, उन ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां सुरक्षा उपाय जैसे रेडियम, साइन बोर्ड बढ़ाए जाएंगे। साथ ही यातायात में बाधा बनने वाले अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से मुहिम चलाई जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाएं ताकि युवा पीढ़ी यातायात नियमों के प्रति गंभीर हो सके।
सामूहिक जिम्मेदारी से घटेगा मृत्यु दर
कलेक्टर ने कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल पुलिस या आरटीओ की जिम्मेदारी नहीं है, यह समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और हर महीने प्रगति रिपोर्ट देने को कहा। बैठक में जिला वन मंडल अधिकारी अर्चना पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



