कांग्रेस का बिजली दफ्तर पर हल्ला बोल, कहा- जनता की जेब पर डकैती बर्दाश्त नहीं

सीहोर। भैरुंदा नगर में निजी कंपनी के माध्यम से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता से हो रही कथित खुली लूट को तुरंत रोकने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की मर्जी के बिना जबरन मीटर लगाए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील गोलिया, सुभाष पटेल और चंदर मीना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारी इतने आक्रोशित थे कि वे कुछ देर के लिए कार्यालय के बाहर सडक़ पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। बाद में मुख्य अभियंता के नाम एक ज्ञापन सौंपकर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
बिना पूछे घर में घुसकर मीटर लगाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी के कर्मचारी उपभोक्ताओं की सहमति लिए बिना ही उनके घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। यदि कोई नागरिक इसका विरोध करता है तो उसे कानूनी कार्रवाई और बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाया जाता है। कांग्रेस ने मांग की है कि किसी भी उपभोक्ता के घर मीटर लगाने से पहले उसकी लिखित अनुमति अनिवार्य की जाए।
बढ़ते बिलों ने तोड़ी जनता की कमर
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों पर भी निशाना साधा। उपभोक्ताओं का दावा है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग पुराने मीटरों के मुकाबले काफी तेज है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल अचानक दोगुने-तिगुने हो रहे हैं, जिससे उनका मासिक बजट बिगड़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिकायत लेकर जाने पर विभाग और कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल देते हैं, जिससे जनता परेशान हो रही है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक अध्यक्ष सुनील गोलिया ने कहा एक तरफ महंगाई की मार है और दूसरी तरफ बिजली विभाग स्मार्ट मीटर के जरिए जनता का खून चूस रहा है। यदि विभाग ने अपनी मनमानी बंद नहीं की और बढ़े हुए बिलों का समाधान नहीं निकाला तो कांग्रेस सडक़ों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।



