कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर ने नहीं दिए दर्शन तो कुत्ते को सौंपा ज्ञापन
भाजपा का पलटवार, बोली- खिसियानी बिल्ली खम्मा नोचे...

सीहोर। जिला मुख्यालय पर गुरुवार को किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। पूरे दिन चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे में उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई जब प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक कुत्ते के गले में ‘कलेक्टर’ लिखी तख्ती बांधी और उसे ही ज्ञापन सौंप दिया।
बता दें आंदोलन की शुरुआत सुबह बस स्टैंड स्थित कांग्रेस कार्यालय से हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल के नेतृत्व में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। जब यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची तो पुलिस ने भारी घेराबंदी कर रखी थी, लेकिन आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटा दिया और उन पर चढ़कर जबरन परिसर के भीतर दाखिल हो गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।
खाया सेव परमल का नाश्ता
कांग्रेस नेता इस जिद पर अड़ गए कि ज्ञापन केवल कलेक्टर ही लेंगे। जब काफी देर तक कलेक्टर बाहर नहीं आए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ही जमीन पर पालथी मारकर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक चले इस इंतजार के दौरान सिंघार और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमीन पर बैठकर ही सेव-परमल खाए।
जब ‘कुत्ते’ को कहना पड़ा कलेक्टर साहब
शाम 5.30 बजे तक जब प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया नहीं बदला तो उमंग सिंघार का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विरोध का एक तीखा रास्ता निकालते हुए परिसर में घूम रहे एक कुत्ते के गले में कलेक्टर लिखी तख्ती लटका दी। सिंघार ने कुत्ते को ‘कलेक्टर साहब’ संबोधित करते हुए किसानों की मांगों का आवेदन उसे सौंप दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा जब असली साहब के पास किसानों की बात सुनने का वक्त नहीं है तो हमें इसी तरह अपनी आवाज उठानी होगी।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
गेहूं खरीदी: खरीदी केंद्रों पर तुरंत व्यवस्थाएं सुधारी जाएं और खरीदी शुरू हो।
भावांतर का लाभ: मंडी में बिके गेहूं पर किसानों को भावांतर योजना का पैसा मिले।
कर्ज वसूली: कुप्रबंधन के कारण 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए हैं, इसलिए 31 मार्च की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।
बिजली बिल: वसूली के नाम पर किसानों की प्रताडऩा बंद की जाए।
लोकतंत्र का अपमान: सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मौके पर मौजूद एडीएम पर सख्त नाराजगी जताई और कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी का जनता से न मिलना लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का निराकरण जल्द नहीं हुआ तो यह आंदोलन सीहोर से निकलकर पूरे प्रदेश में फैलेगा। इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, सेवादल और बड़ी संख्या में जिले भर के किसान मौजूद रहे।
इधर, भाजपा ने किया पलटवार
इधर कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। सीहोर भाजपा मीडिया प्रभारी प्रीतेश राठौर का कहना है कि जो कांग्रेस पार्टी अपनी इंटरनल पॉलिटिक्स से परेशान है वह किसानों के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। सरकार ने किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू कर दी है और कांग्रेस पार्टी अब उस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा से प्रदेश के हर वर्ग की चिंता की है। कांग्रेस की स्थिति खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली हो गई है। भाजपा की सरकार में किसानों की चिंता सर्वोपरि है। कांग्रेस के शासनकाल में किसानों की बहुत दुर्गति हुई।



