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भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में भी दंगल, चुनाव पर स्टे

रेसलिंग एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला

चंडीगढ। भारतीय कुश्ती संघ यानी डब्लयूएफआई के चुनावों पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 28 अगस्त तक रोक लगा दी है। ​हरियाणा कुश्ती संघ ने चुनाव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि भारतीय कुश्ती संघ और हरियाणा ओलंपिक संघ से संबद्ध होने के बावजूद उसे चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि एक अन्य एसोसिएशन को अनुमति दी गई है।

चुनाव पर हैं सबकी नजरें
पिछले कुछ महीनों से पहलवान विनेश फोगट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और संगीता फोगट ने संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीडन के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या कहा याचिका में
हरियाणा कुश्ती संघ के वकील रविंद्र मलिक ने कहा कि उनका संगठन हरियाणा में रजिस्टर्ड है। उसे भारतीय कुश्ती संघ से मान्यता मिली हुई है। भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों के मुताबिक कोई भी मान्यता प्राप्त बॉडी चुनावों में वोटिंग के लिए 2 सदस्य भेज सकती है। इधर हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन ने दावा किया कि उनका संगठन भारतीय कुश्ती संघ और हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है। इस एसोसिएशन ने दावा किया कि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा वाली हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन भारतीय कुश्ती संघ से मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते। इधर रिटर्निंग अफसर ने हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आया है।

याचिका को माना सही
हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने कहा कि प्राथमिक तौर पर ये लगता है कि हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन वोट देने के लिए योग्य नहीं है। इसके बाद 12 अगस्त को होने वाले चुनाव पर स्टे लगा दिया गया। सोमवार को दावेदारों की फाइनल लिस्ट जारी हुई थी। अध्यक्ष पद पर 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की चैंपियन अनीता श्योराण और संजय सिंह टक्कर है। संजय सिंह को बृजभूषण का करीबी माना जाता है, जबकि अनीता श्योराण महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बृजभूषण के खिलाफ गवाह हैं।

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