
सीहोर। जिले के भैरूंदा क्षेत्र में अवैध सूदखोरी का धंधा अब जानलेवा साबित होने लगा है। सूदखोरों के आतंक से परेशान होकर वार्ड क्रमांक-1 सुभाष कॉलोनी के एक युवक ने न केवल जहरीला पदार्थ पीकर अपनी जान देने की कोशिश की, बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। हालत बिगडऩे पर युवक को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
पीडि़त सत्यनारायण राठौर ने कलेक्टर को सौंपी शिकायत और वायरल वीडियो में अपना दर्द बयां किया है। पीडि़त के मुताबिक उसने जरूरत पडऩे पर क्षेत्र के अरविंद राठौर, अर्जुन राठौर और जीतू सेन से मात्र 20 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोपियों ने यह राशि 20 प्रतिशत के भारी-भरकम मासिक ब्याज पर दी थी। पीडि़त का आरोप है कि वह अब तक किस्तों में करीब 1 लाख 50 हजार रुपये चुका चुका है, लेकिन सूदखोरों की भूख शांत नहीं हुई है।
वीडियो बनाकर पी लिया जहर
गुरुवार शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। वीडियो में अशोक राठौर खुद को सूदखोरों से प्रताडि़त बताते हुए कह रहा है कि सूदखोर उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं और हाथ-पैर तोडऩे की बात कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि ढाबे पर उसके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। वीडियो के अंत में वह एक शीशी से जहरीला पदार्थ पीते हुए दिखाई देता है। जहर पीने के बाद उसे रात करीब 9 बजे सीहोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घर आकर दे रहे जान से मारने की धमकी
सत्यनारायण ने अपनी शिकायत में बताया कि मोटी रकम वसूलने के बाद भी आरोपी संतुष्ट नहीं हैं। वे आए दिन रास्ते में रोककर गाली-गलौज करते हैं और घर पहुंचकर परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपियों के कथित रसूख और आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव में है।
न्याय नहीं मिला तो सपरिवार लेंगे इच्छा मृत्यु
हताश पीडि़त परिवार ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि यदि इन प्रभावशाली सूदखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से इच्छा मृत्यु चाहते हैं। पीडि़त ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित कोई भी कठोर कदम उठाने को विवश होगा।
संज्ञान में आया वीडियो
एसडीओपी रोशन कुमार जैन के अनुसार वीडियो उनके संज्ञान में आया है, लेकिन इसकी सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।