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अपराधियों को करें नेस्तनाबूत, पुलिस का कार्य है सबको शांति से जीने की व्यवस्था करना : मुख्यमंत्री

- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुलाई बैठक

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कानून व्यवस्था और जनकल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। यह सरकार की प्राथमिकता है। वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और पुलिस महानिरीक्षकों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में पूरे समन्वय के साथ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जनता के कल्याण के कार्यों को सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने रविवार सुबह निवास पर आयोजित बैठक में कानून व्यवस्था से चर्चा प्रारंभ की। उन्होंने कहा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है कानून व्यवस्था। पुलिस का कार्य है सभी नागरिकों के लिए शांति से जीने की व्यवस्था करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को नेस्तनाबूद किया जाए। कोई भी माफिया नहीं पनपना चाहिए। प्रदेश में हजारों एकड़ भूमि माफियों से मुक्त करवाई गई है। इस भूमि का उपयोग की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिकार करने वालों अवैध शराब का कारोबार करने वालों को क्रश किया जाए। उन्होंने कहा कि इस बैठक को एक नए उजाले के रूप में अंगीकार कर अधिकारी सार्थक भूमिका का निर्वाह करें। योग, ध्यान और शारीरिक व्यायाम, सुबह की सैर के साथ स्वस्थ रहते हुए आमजन के हित में सक्रिय रूप से सभी कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मुख्यमंत्री होना और आपका इस पद पर होना तभी सार्थक है, जब हम जनसेवा पर पूरा ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुना की घटना से मैं बहुत बेचैन हूं। मेरा संकल्प है किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ा जाएगा। गुना के प्रकरण में अपराधियों के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो इतिहास में दर्ज होगी। शिकार करने वालों और अन्य अपराधों को अंजाम देने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई हो। इसके लिए पुलिस महानिदेशक से लेकर थाना स्तर तक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पुलिस विभाग में निरंतर समीक्षा का कार्य हो। अपराधियों को चिन्हित किया जाए। ऐसा प्रयास हो कि अपराध घटित ही न हों।
अच्छी कार्रवाई भी हुई है, इसके लिए बधाई-
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जिलों में पुलिस द्वारा अच्छी कार्रवाई हुई है। इसके लिए संबंधित अधिकारी और स्टाफ बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि हमेशा क्विक एक्शन होना चाहिए। अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराधों पर भी नजर रखें। प्रत्येक जिले में नियमित रूप से कार्य विश्लेषण किया जाए। अपराध नियंत्रण की शीघ्र ही पुन: समीक्षा की जाएगी। पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पेयजल प्रबंध और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें-
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता के लिए पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था हो। कलेक्टर समन्वय की भूमिका निभाएं। किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या न हो। नल-जल योजनाओं के संचालन में कोई तकनीकी दिक्कत हो तो, तत्काल व्यवस्था सुधारी जाए। हैंडपंप बिगड़े हो तो उन्हें भी ठीक करवाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड स्तर पर टीम गठित है। यदि पेयजल योजनाओं में पानी काफी नीचे चला गया है तो राईजिंग पाइप के उपयोग से समाधान किया जाए। पेयजल योजनाओं के लिए विद्युत प्रदाय की दिक्कत नहीं होना चाहिए। निश्चित शेड्यूल के अनुसार जलप्रदाय किया जाए। इस व्यवस्था का प्रचार-प्रसार भी किया जाए। शिकायतें दर्ज करने के लिए कार्यालयों में रजिस्टर की व्यवस्था की गई है। सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए। मैदानी अमलों को सजग बनाया जाए। ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा विभागों के अमले में समन्वय भी बढ़ाया जाए। सभी आवश्यक उपायों को अपनाया जाए। स्थानीय जलस्रोत कारगर न हों तो टैंकर से जलापूर्ति की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना बाधा विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। भोपाल से चौपाल तक सभी टीम के रूप में कार्य करें। बैठक में पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास मनीष सिंह, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त नगरीय विकास निकुंज श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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