
सीहोर। जमीन के छोटे से टुकड़े और बरसों पुराने विवाद की कीमत आज दो मासूम जिंदगियों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। सिद्दीकगंज के धर्मपुरी गांव में शुक्रवार को उस वक्त मातम और आक्रोश फैल गया, जब बोर्ड परीक्षा देने जा रहे भाई.बहन की उनके ही सगे ताऊ और चचेरे भाई ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव इस कदर बड़ा कि गुस्साई भीड़ में से किसी ने आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया।
शुक्रवार सुबह 10वीं की परीक्षा देने का उत्साह लेकर कुलदीप और उसकी बहन शीतल घर से निकले थे। उन्हें क्या मालूम था कि रास्ते में उनके अपने ही खून के रिश्ते यमराज बनकर खड़े हैं। ताऊ हरिसिंह और चचेरे भाई हेमंत ने लाठियों से हमला कर दोनों को मौत की नींद सुला दिया। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया।
जलते-जलते बचा आरोपी का घर
दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया, जो कुछ ही देर में उबाल में बदल गया। इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने मुख्य आरोपी हरिसिंह के घर में आग लगा दी। हालांकि मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने तत्परता दिखाई और आग पर काबू पा लिया, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
विवाद की जड़, वन भूमि और पुरानी रंजिश
पुलिस जांच के अनुसार यह खूनी संघर्ष रातों-रात पैदा नहीं हुआ। आरोपी हरिसिंह और मृतक के पिता जगदीश के बीच वन भूमि के कब्जे को लेकर सालों से अदालती लड़ाई चल रही थी। अक्टूबर 2025 में आरोपी के बेटे की एक सडक़ हादसे में हुई मौत ने इस दुश्मनी में घी का काम किया, जिसके बाद रिश्तों की कड़वाहट इस खूनी अंजाम तक पहुंच गई।