धरमपुरी हत्याकांड, न्याय की मांग को लेकर आष्टा में फूट गुस्सा, महाराणा प्रताप चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

सीहोर। सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुरी में सगे ताऊ द्वारा भतीजे-भतीजी की निर्मम हत्या के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में परिजनों और ग्रामीणों ने आष्टा के महाराणा प्रताप चौराहे पर एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।
बता दें बुधवार सुबह से ही धरमपुरी और आसपास के ग्रामीण आष्टा में जुटना शुरू हो गए थे। महाराणा प्रताप चौराहे पर धरने पर बैठे परिजनों का दर्द और आक्रोश साफ झलक रहा था। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो आज दोनों बच्चे जीवित होते। प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंत में परिजन व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीड़त परिवार को सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने की मांग की गई।
क्या था मामला
बता दें कि बीते 6 मार्च को ग्राम धरमपुरी में रिश्तों के कत्ल की एक सनसनीखेज वारदात हुई थी। 20 वर्षीया शीतल और 19 वर्षीय कुलदीप अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने घर से निकले थे, तभी उनके सगे ताऊ हरिसिंह मालवीय ने रास्ते में रोककर उन पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या की वजह जमीन का पुराना विवाद बताया जा रहा है।
चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मुख्य घटना के बाद अस्पताल में हुए हंगामे और पुलिस पर लापरवाही के आरोप भी लगे थे। परिजनों का दावा है कि उन्होंने पिछले दो महीनों में चार बार जान के खतरे का आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस सुस्त बनी रही।

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