वार्ड 30 में गंदा पानी, पार्षद प्रतिनिधि ने माना ‘सिस्टम फेल’

सीहोर। नगर पालिका के वार्ड नंबर 30 में पिछले कई दिनों से चल रहा वॉटर ड्रामा अब एक नए मोड़ पर आ गया है। गंदे पानी की शिकायतों को राजनीतिक अफवाह बताने वाले पार्षद प्रतिनिधि इरशाद पहलवान को आखिरकार हकीकत के सामने झुकना पड़ा। मंगलवार को जब रहवासियों ने उन्हें मौके पर बुलाकर नलों से निकलता बदबूदार और दूषित पानी दिखाया तो उन्हें भी स्वीकार करना पड़ा कि पाइपलाइन में गंभीर तकनीकी खामी है।
दिलचस्प बात यह है कि दो दिन पहले ही पार्षद समर्थकों ने क्षेत्र में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित कर दावा किया था कि वार्ड में पानी की कोई समस्या नहीं है और विरोध पक्ष केवल राजनीति कर रहा है। लेकिन मंगलवार को खुद पार्षद प्रतिनिधि के कबूलनामे ने इन दावों की हवा निकाल दी। क्षेत्र में एक तरफ स्वागत के साफे बंध रहे थे तो दूसरी तरफ जनता दूषित पानी पीकर बीमार होने को मजबूर थी।
महामारी का साया
पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रहे आजम लाला के नेतृत्व में नागरिकों ने पहले ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इंदौर जैसी अनहोनी की चेतावनी दी थी। रहवासियों का कहना है कि गंदा पानी पीने से घरों में उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत और लीकेज को दुरुस्त नहीं किया गया तो वार्ड में महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
अब क्या होगा
पार्षद प्रतिनिधि ने अब जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया है, लेकिन जनता में इस बात को लेकर नाराजगी है कि समस्या को पहले गंभीरता से लेने के बजाय इसे अफवाह बताकर खारिज क्यों किया गया। अब प्रशासन और नगर पालिका की टीम पर दबाव है कि वे जल्द से जल्द दूषित जलापूर्ति को रोककर जनता को साफ पानी मुहैया कराएं।

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