
सीहोर। नशे के सौदागर अब पुलिस से बचने के लिए दुर्गम रास्तों और पहाडिय़ों का सहारा ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां वन विभाग की पहाड़ी भूमि पर अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही थी। नशामुक्त अभियान के तहत सक्रिय गोपालपुर पुलिस ने इस पहाड़ी पर दबिश देकर भारी मात्रा में गांजे के पौधे जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि ग्राम मंजाखेड़ी स्थित वन विभाग की पहाड़ी भूमि पर प्रेमसिंह पिता गोकल भुसारिया ने अवैध कब्जा कर रखा है और वहां फसलों की आड़ में नशीले पदार्थ की खेती कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी सुनीता रावत के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पहाड़ी इलाके की घेराबंदी कर जब प्रेमसिंह के कब्जे वाले बाड़े की तलाशी ली तो पुलिस दंग रह गई।
बाड़े में लहलहा रहे थे गांजे के पौधे
पहाड़ी की ढलान पर स्थित बाड़े में पुलिस को 86 नग गांजे के हरे-भरे पौधे मिले। इन पौधों का कुल वजन 3 किलो 200 ग्राम पाया गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तत्काल सभी पौधों को जड़ से उखाडक़र जब्त कर लिया और मौके से आरोपी प्रेमसिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
एसडीओपी रोशन कुमार जैन ने बताया कि आरोपी ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर नशीले पौधों की खेती शुरू की थी ताकि किसी की नजर न पड़े। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह इन पौधों को किसे सप्लाई करने वाला था।
इनकी रही मुख्य भूमिका
पहाड़ी इलाके में सफल कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी महेंद्र सिंह गौड़, उपनिरीक्षक लवेश कुमार, सउनि विजय यादव, प्रधान आरक्षक राधेश्याम, शिवनारायण, आरक्षक विशाल, विकास, राजेश और आमीन शामिल थे।