
आष्टा। आज के दौर में भी ईमानदारी जीवित है। इसका उदाहरण बनेे आष्टा थानेे में पदस्थ आरक्षक शिवराज, जिनकी तत्परता से 28 हजार रूपए सहित दस्तावेज रखा हुआ बेग मिल सका। दरअसल भूपेंद्र पिता बापूसिंह गोयल निवासी सुभाष नगर आष्टा, इंदौर से अपने घर आष्टा आ रहा था। उसी दौरान जब आष्टा बस स्टैण्ड पर बस आई तब भूपेंद्र अपना बेग बस में ही भूल गया और बस चली गई। भूपेंद्र को अपने बेग की याद आई जब तक बस वापस इंदौर जा चुकी थी। भूपेंद्र ने इसकी सूचना थाने पर दी। सूचना मिलने पर थाना आष्टा के आरक्षक शिवराज ने तत्काल बस चालक नीरज पिता रामसेवक श्रीवास्तव जिला विदिसा के मोबाइल नंबर लेकर चर्चा की तो उसी समय बस चालक नीरज ने बताया कि एक बेग गाड़ी में पड़ा है। चालक ने बताया कि बेग में भूपेंद्र नाम के कागज व पैसे रखे हैं। चालक द्वारा आष्टा बस स्टैंड पर पहुंचकर बेग थाना आष्टा के उपनिरीक्षक चुन्नीलाल रायकवार, शिवराज सहित अन्य स्टॉफ की उपस्थिति में 28 हजार रूपए मुख्य दस्तावेज सहित सौंपा। बेग मिलने पर भूपेंद्र सिंह ने थाना आष्टा पुलिस को धन्यवाद दिया।