समाधान योजना का लाभ बताने गए बिजली कर्मचारियों को मिलीं गालियां और धमकी, एफआईआर दर्ज

सीहोर। मध्य प्रदेश शासन की बिजली बिल समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने निकले बिजली विभाग के दल को अभद्रता और जान से मारने की धमकी का सामना करना पड़ा। मामला रेहटी थाना अंतर्गत ग्राम बीवदा का है, जहां एक बकायादार उपभोक्ता के प्रतिनिधि ने न केवल शासकीय कार्य में बाधा डाली, बल्कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मां-बहन की गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 7 मार्च को वरिष्ठ कार्यालय के आदेशानुसार ग्राम बीवदा में समाधान योजना के क्रियान्वयन के लिए एक शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान वितरण केंद्र बुधनी के असिस्टेंट इंजीनियर एमडी उइके, लाइनमेन गोपाल पर्ते और चार अन्य कर्मचारी बकायादार उपभोक्ताओं को योजना का लाभ समझाने पहुंचे थे।
जब विभाग का दल उपभोक्ता दुर्गा प्रसाद हजारी लाल के परिसर पर पहुंचा और उन्हें बताया कि उनका पिछले 5 वर्षों से 27 हजार 269 रुपये का बिल बकाया है, जिसे वे योजना के तहत जमा कर लाभ उठा सकते हैं तो वहां मौजूद उपभोक्ता प्रतिनिधि पवन गौर पिता दुर्गा प्रसाद गौर भडक़ गया।
जान से मारने की धमकी –
आरोप है कि पवन गौर ने बिजली कर्मचारियों को देखते ही आपा खो दिया और मां-बहन की अश्लील गालियां देना शुरू कर दिया। उसने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा कि दोबारा इस क्षेत्र में दिखाई दिए तो मार के फेंक दूंगा। इस अचानक हुए हमले और हंगामे के कारण शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ और विभाग की टीम को वहां से हटना पड़ा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला –
घटना के बाद लाइनमेन गोपाल सिंह पर्ते ने रेहटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पवन गौर के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इनका कहना है
ग्राम बीवदा में समाधान योजना के अंतर्गत शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी दी जा रही थी, साथ ही उन्हें योजना के अंतर्गत बिजली बिल की बकाया राशि जमा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा था। इसी दौरान ग्राम के निवासी पवन गौर पिता दुर्गा प्रसाद गौर द्वारा अमले के साथ में गाली गलौच की गई एवं जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में रेहटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
– एमडी उइके, असिस्टेंट इंजीनियर मप्रमक्षेविवि कम्पनी बुधनी, जिला सीहोर

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