भाजयुमो सीहोर जिलाध्यक्ष के लिए कवायद, चुनावों में रहेगी अहम भूमिका

- सीहोर जिले में जमीनी कार्यकर्ता के लिए उठ रही मांग

सुमित शर्मा, सीहोर
भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक नियुक्तियों के तहत अब भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्षों की भी तैनाती होंगी। सीहोर जिले में भी युवा मोर्चा के अध्यक्ष को लेकर कवायद जारी है। इस बार जो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बनेंगे उनके कंथों पर वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव, वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव सहित अगले वर्ष होने वाले नगरीय निकायों के चुनाव की भी अहम जिम्मेदारी होगी। भाजपा में युवा मोर्चा संगठन की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में युवा मोर्चा के उपर चुनावों की भी अहम जिम्मेदारी रहती है। इसी के अनुसार इस बार युवा मोर्चा में जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां भी होंगी। ऐसे में जमीनी कार्यकर्ता, संगठन की समझ रखने वाले किसी युवा को इस पद पर बैठाने की भी मांग उठ रही है। भाजपा में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए तय है तो वहीं उम्र की सीमा भी 32 वर्ष है। अब जो जिलाध्यक्ष तैनात होंगे उनका कार्यकाल वर्ष 2029 तक रहेगा और इसी बीच लोकसभा, मप्र विधानसभा एवं नगरीय निकायों के चुनाव भी होंगे।
सीहोर जिले के राजनीतिक समीकरण बेहद अहम-
सीहोर जिला मध्यप्रदेश की राजनीति के केंद्र में हमेशा से रहा है। कभी राजधानी भोपाल भी सीहोर जिले का ही हिस्सा थीं, ऐसे में सीहोर जिले का राजनीतिक महत्व भी बेहद अहम है। सीहोर जिले में चार विधानसभा सीहोर, आष्टा, इछावर और बुधनी आते हैं, वहीं तीन संसदीय क्षेत्र विदिशा, देवास और भोपाल भी आते हैं। यहां पर राजनीतिक एवं संगठनात्मक नियुक्तियां भी इसी समीकरण के तहत होती है। सीहोर जिले में चार विधानसभा क्षेत्रों से ही जमीनी कार्यकर्ताओं को पदों पर तैनात किया जाता रहा है। कभी बुधनी विधानसभा से भाजपा जिलाध्यक्ष थे तो सीहोर विधानसभा से युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इछावर और आष्टा विधानसभा से भी पदाधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है। अब इस बार सीहोर विधानसभा से नरेश मेवाड़ा जिलाध्यक्ष हैं तो वहीं बुधनी विधानसभा से युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष को मौका मिल सकता है। इसके लिए बुधनी विधानसभा के युवा नेताओं के नामों की भी चर्चा है।
युवाओं की दावेदारी, मिल सकता है मौका-
बुधनी विधानसभा क्षेत्र केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान का संसदीय क्षेत्र भी है तो वहीं वे इसी विधानसभा सीट से जीतकर 17 वर्षों तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे, इसलिए बुधनी विधानसभा सीट सबसे प्रभावशाली एवं चर्चित सीटों में भी रही हैं। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि आगामी चुनावों में इस सीट से शिवराज सिंह चैहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चैहान को भी चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। कार्तिकेय सिंह चैहान बुधनी विधानसभा में लगातार सक्रिय भी नजर आ रहे हैं तो वहीं उन्होंने शिवराज सिंह चैहान के चुनावों में भी यहां पर अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। शिवराज सिंह चैहान का चुनावी प्रबंधन वे ही संभालते रहे हैं। ऐसे में इस सीट से विधानसभा के चुनाव में भी उतारे जा सकते हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही हैं कि इस बार बुधनी विधानसभा के किसी युवा नेता को भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है। बुधनी विधानसभा से प्रबल दावेदारों में युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष चेतन पटेल, महामंत्री अमित मीणा सहित अन्य युवा नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। आष्टा विधानसभा सीट से महामंत्री महेंद्र ठाकुर का नाम भी चर्चाओं में हैं। अन्य युवा नेता भी इस दौड़ में शामिल हैं। अब देखना होगा कि इस बार किसकी लाॅटरी खुलती है।

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