डांडिया की थाप पर भोपाल पहुंचे इछावर के किसान, सीएम को हल भेंट कर सुनाई जल संकट की पीड़ा

सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गहराते जल संकट और बदहाल सडक़ों की समस्या को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन का एक ऐसा अनोखा तरीका अपनाया, जिसने राजधानी भोपाल तक हर किसी का ध्यान खींच लिया। ग्राम चंदेरी से शुरू हुई यह यात्रा डांडिया नृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ सीहोर होते हुए भोपाल पहुंची। समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री से लेकर पीएचई मंत्री तक अपनी गुहार डांडिया की थाप पर लगाई।

यात्रा में मुख्य रूप से इछावर क्षेत्र के ग्राम खामलिया, रायपुर, नयाखेड़ा, पचामा, बड़बेली, अमरोद, रोला, मानपुरा, कुंलासकला, आलमपुरा, जमनी, नरेला, बिलकिसगंज, रामाखेड़ी, हीरापुर और छापरी के किसान शामिल हुए। किसानों का कहना है कि इन गांवों में पीने के पानी की स्थिति भयावह हो चुकी है। अनुसूचित जाति बस्तियों में सडक़ों का अभाव है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
अधिकारियों को निर्देश, पर अब तक नहीं हुआ खनन
समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने बताया कि जल संकट को लेकर पिछले 10 दिनों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पीएचई मंत्री, प्रभारी मंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय से प्रमुख अभियंता व अधीक्षण यंत्री सीहोर को दूरभाष पर नलकूप खनन के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन धरातल पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इसी लेटलतीफी से परेशान होकर किसानों को यह डांडिया यात्रा निकालनी पड़ी।
इन मंत्रियों और अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पीएचई मंत्री सम्पतिया उईके, सीहोर जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, प्रमुख अभियंता संजय कुमार अंधवान, अधीक्षण यंत्री भू.जल बीके चतुर्वेदी को आवेदन सौंपकर जल्द से जल्द नलकूप खनन और सडक़ निर्माण की मांग की।
सीएम का आश्वासन, उम्मीद की नई किरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा उठाई गई मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि गांवों में नल जल योजना और सीसी रोड के निर्माण में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री के इस भरोसे के बाद किसानों ने उम्मीद जताई है कि अब उनके गांवों की प्यास बुझेगी और रास्तों की हालत सुधरेगी।

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