माघ मास की गुप्त नवरात्रि 19 से, महाविद्याओं की साधना से सिद्ध होंगे मनोरथ: पं. शर्मा

सीहोर। पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इस वर्ष माघ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 19 जनवरी से होने जा रहा है, जिसका समापन 27 जनवरी मंगलवार को होगा। नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति उपासना के इस पावन पर्व के दौरान सर्वार्थसिद्धि योग और द्विपुष्कर योग जैसे शुभ संयोग भी रहेंगेए जो साधना के फल को कई गुना बड़ा देंगे।
पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि एक वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें चैत्र और अश्विन मास की नवरात्रि प्रत्यक्ष होती है, जबकि माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को अप्रत्यक्ष यानी गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि के लिए एकांत में उपवास, संयम, नियम और योग साधना करते हैं। इस बार सोमवार को मां दुर्गा की कलश स्थापना के साथ विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत होगी।
पंडित शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि माघ मास की इस नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व है। इस दौरान मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी की विशेष आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार मानव के समस्त रोग, दोष और कष्टों के निवारण के लिए इस नवरात्रि से बढक़र कोई साधना नहीं है। गुप्त नवरात्रि की शक्ति साधना के पीछे एक गहरा रहस्य है, इसलिए इस समय की जाने वाली पूजा को गोपनीय बनाए रखना चाहिए।
पूजन की विधि
पूजा विधि के संबंध में पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं को प्रतिपदा के दिन शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर अखंड ज्योत प्रज्जवलित करनी चाहिए। नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम शिव परिवार और भैरव महाराज की पूजा-अर्चना करना अनिवार्य है। नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करने से शिव-शक्ति प्रसन्न होकर साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। अंत में नवमी के दिन कन्या पूजन, भोज और हवन के साथ नवरात्रि का समापन करना चाहिए।

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