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नवरात्रि के अंतिम दिन हुए हवन, भंडारे, सलकनपुर भी पहुंचे श्रद्धालु

सीहोर जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में जगह-जगह चलते रहे भंडारे

सीहोर। शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन जहां जगह-जगह हवन, पूजन हुए तो वहीं दिनभर भंडारों का दौर भी चलता रहा। इधर 9 दिनों तक सीहोर जिले के प्रसिद्ध मां बिजासन धाम सलकनपुर में भी भक्तों का ताता लगा रहा। अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में लोग पदयात्राएं सहित अपने वाहनों से भी मां बिजासन के दरबार में पहुंचे। हालांकि इस दौरान अचानक आई बारिश भक्तों के साथ ही यहां के दुकानदारों के लिए भी परेशानी का सबब बन गई।
मरीह माता मंदिर में हुआ भंडारा, पहुंचे बड़ी संख्या में लोग –
शहर के विश्राम घाट स्थित चौसठ योगिनी मरीह माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन हवन के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग पहुंचे एवं प्रसादी ग्रहण की। यहां शक्ति मां सिद्धिदात्री देवी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। नवरात्रि का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया। इस मौके पर शुक्रवार की सुबह चार बजे से ही यहां पर भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात्रि तक जारी रहा। नवरात्रि के अंतिम दिन यहां पर मौजूद श्रद्धालुओं के द्वारा मां दुर्गा की नौवीं शक्ति मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की गई और सुबह दस बजे यहां पर जारी यज्ञ में पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद भंडारे का शुभारंभ किया। लगातार नौ घंटे तक चले इस भव्य भंडारे में शहर सहित आस-पास से आए करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस मौके पर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला, मंदिर के व्यवस्थापक गोविन्द मेवाड़ा, रोहित मेवाड़ा, जिला संस्कार मंच के जितेन्द्र तिवारी, मनोज दीक्षित मामा, पंडित उमेश दुबे, ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा, सुनील चौकसे, रामू सोनी, पंकज झंवर, हृदेश राठौर आदि ने कन्याओं को चुनरी भेंट की और महिलाओं को सुहाग आदि की सामग्री प्रदान की।
जगह-जगह हुए भंडारे –
शारदीय नवरात्रि के दौरान जिला मुख्यालय सहित जिले के गांव-गांव में देवी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस दौरान 9 दिनों तक यहां पर सुबह-शाम आरती, पूजन के साथी कई तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन आयोजनों की कड़ी में गणगौर, भजन, रामलीला सहित गरबों का भी आयोजन हुआ। अंतिम दिन जगह-जगह हवन चलते रहे तो वही भंडारों का भी आयोजन किया गया। इस दौरान कन्या भोजन कराकर उन्हें दक्षिणा भी दी गई।
बारिश ने बढ़ाई परेशानियां –
नौ दिनों तक चले शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में बारिश भी समितियां के लिए परेशानी बन गई। दरअसल नवरात्रि के दौरान देवी प्रतिमायें स्थापित करके भव्य झांकियां सजाई गई थी, लेकिन बीच-बीच में तेज बारिश ने इन झांकियां का मजा किरकिरा कर दिया। अंतिम दिन भी सीहोर जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। लगातार 3 घंटे तक बारिश होती रही। इसके कारण कई जगह भंडारों में भी खलल पैदा हुआ।

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