
सीहोर। जिले का स्वास्थ्य विभाग अपनी वाहवाही कराने और आंकड़ेबाजी के खेल में ऐसी महारत हासिल कर चुका है कि अब वह नए-नए कारनामों को भी अंजाम दे रहा है। ऐसा ही एक नया कारनामा जिले की रेहटी तहसील के ग्राम मरदानपुर का सामने आया है। यहां पर विभाग के जिम्मेदारों ने आधा-अधूरा भवन, जो अब तक विभाग को हैंडओव्हर भी नहीं हुआ है उसका ही लोकार्पण करवा दिया। पिछले दिनों विधायक रमाकांत भार्गव एवं युवा नेता कार्तिकेय सिंह चैैहान ने इस भवन का लोकार्पण किया है। हालांकि लोकार्पण के बाद से यह अब तक खुला भी नहीं है। ऐसे में ग्राम मरदानपुर सहित आसपास के करीब 15 गांवों के रहवासियों के साथ छलावा किया जा रहा है।
लाखों की लागत से बना है भवन-
ग्राम मरदानपुर में यूं तो पहले से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन भी करीब 98 लाख रूपए की लागत से बनाया गया है। बताया जा रहा है कि इस भवन का निर्माण कार्य भी बेहद घटिया तरीके से हुआ है। निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है। भवन भी अब तक हैंडओव्हर नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही इसका लोकार्पण भी विवादों में घिर गया है। विभाग के जिम्मेदारों ने अपनी वाहवाही कराने लोकार्पण करवा दिया, जबकि अब तक यहां पर कई काम अधूरे हैं। फर्नीचर भी तैयार नहीं है। स्टाॅफ की भी उपलब्धता नहीं है।
विधायक एवं भाजपा नेताओं को अंधेरे में रखा-
सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने विधायक रमाकांत भार्गव, युवा नेता कार्तिकेय सिंह चैहान सहित क्षेत्र के भाजपा नेताओं को भी इसकी स्थिति नहीं बताई। विभाग ने अपनी वाहवाही कराने के लिए इसका आनन-फानन में लोकार्पण भी करवा दिया। नियमानुसार एनओसी एवं हैंडओव्हर लिए इसका लोकार्पण नहीं होना चाहिए था, लेकिन विभाग ने ऐसा ही करवा दिया। अब स्थानीय लोग भाजपा नेताओं को कोसने में लगे हुए हैं।
ये बोले जिम्मेदार-
इस मामले में बुधनी विकासखंड के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डाॅ. डी. बड़ोदिया का कहना है कि अभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर मरदानपुर में फर्नीचर का काम नहीं हुआ है। जल्द ही इसे करवाकर शुरू कराया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर मरदानपुर की प्रभारी डाॅ. कंचन का कहना है कि भवन अभी हैंडओव्हर नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत मरदानपुर के सरपंच जीतू मालवीय का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भवन बना है। मरदानपुर में करीब 15 गांवों के लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इसे जल्द शुरू कराना चाहिए।