
सीहोर। फाल्गुन मास की शुरुआत के साथ ही अब त्योहारों की रंगत जमने लगी है, लेकिन मांगलिक कार्यों पर कुछ दिनों के लिए विराम लगने वाला है। बालाजी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो होलिका दहन तक चलेगा। इन आठ दिनों में हिंदू धर्म में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्यों की मनाही होती है।
पंडित शर्मा ने बताया कि होलाष्टक के आठ दिनों में सौरमंडल के आठ मुख्य ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य और दशमी को शनि उग्र रहते हैं। इसी क्रम में एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु का प्रभाव नकारात्मक रहता है। इन ग्रहों की उग्रता के कारण इस समय किए गए शुभ कार्यों का फल सुखद नहीं होता और जीवन में बाधाएं आने की आशंका बनी रहती है।
तिथि और समय का गणित
वैदिक पंचांग के मुताबिक फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 24 फरवरी को सुबह 7.01 बजे से शुरू होगी, जो अगले दिन 25 फरवरी शाम 4.52 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के मान से होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से ही मानी जाएगी।
क्या करें और क्या न करें
वर्जित कार्य: नए व्यवसाय की शुरुआत, सगाई-विवाह, नया वाहन या मकान खरीदना और निर्माण कार्य शुरू करना इन दिनों टालना चाहिए।
क्या करें: हालांकि शुभ कार्य वर्जित हैं, लेकिन यह समय पूजा पाठ और ईष्ट देवों की आराधना के लिए बहुत उत्तम है। इस दौरान किए गए दान पुण्य और भक्ति का विशेष फल प्राप्त होता है। पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार होलाष्टक के दौरान मानसिक शांति के लिए भगवान विष्णु और महादेव की विशेष पूजा करनी चाहिए।