खेती में ‘हाईटेक’ हुआ इछावर, कलेक्टर ने किया प्रदेश के अनूठे आईओटी आधारित फार्मिंग केंद्र का लोकार्पण

सीहोर। खेती-किसानी के पारंपरिक तौर-तरीकों को अब तकनीक का साथ मिल गया है। जिले की इछावर तहसील के भाउखेड़ी आजीविका पार्क में बुधवार को कलेक्टर बालागुरू के. ने आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित प्रिसिजन फार्मिंग केंद्र का लोकार्पण किया। आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से शुरू हुई यह पहल किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोडक़र उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
लोकार्पण के अवसर पर कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि आज के दौर में जलवायु परिवर्तन और घटते संसाधनों के बीच आधुनिक तकनीक का उपयोग अनिवार्य हो गया है। उन्होंने केंद्र का निरीक्षण करते हुए बताया कि प्रिसिजन फार्मिंग से किसानों को न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि खेती की लागत में भी बड़ी कमी आएगी। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव और नाबार्ड की सीजीएम सी. सरस्वती ने भी केंद्र की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और पौधारोपण किया।
क्या है आईओटी आधारित खेती
इस परियोजना के तहत खेतों में आधुनिक सेंसर और आईओटी उपकरण लगाए गए हैं। ये उपकरण सीधे मिट्टी के तापमान, नमी, स्थानीय मौसम, सूर्य के प्रकाश की तीव्रता और पौधों के स्वास्थ्य का डेटा इक_ा करेंगे। यह डेटा जियो कृषि के माध्यम से विश्लेषित किया जाएगा और सीधे किसानों के मोबाइल पर सलाह भेजी जाएगी कि उन्हें कब सिंचाई करनी है और कितनी मात्रा में खाद डालनी है। किसान अब घर बैठे अपने खेत का प्रबंधन कर सकेंगे।
300 महिला किसान बनेंगी आत्मनिर्भर
इस पूरी परियोजना के लिए लगभग 01 करोड़ 40 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इछावर विकासखंड के 15 गांवों में यह मॉडल लागू किया गया है। आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के 300 शेयरधारकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में 45 स्वचालित संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 240 किसानों को मोबाइल के जरिए विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड, जियो कृषि, जैन इरिगेशन और सीपा संस्था के प्रतिनिधियों सहित कृषि उप संचालक अशोक कुमार उपाध्याय, एनआरएलएम के डीपीएम दिनेश बर्फा और उद्यानिकी उप संचालक जगदीश मुजाल्दा सहित अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं।



