
सीहोर। जिले में जिधर देखो उधर ही अवैध कार्यों की भरमार है। अब नया मामला प्रसिद्ध नर्मदा तट आंवलीघाट का सामने आया है। यहां पर पार्किंग का टेंडर खत्म होने के बाद भी आने वाले श्रद्धालुओं से अवैध पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। बताया जा रहा है कि पार्किंग का टेंडर नवरात्रि से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन इसके बाद भी अब तक वसूली की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पार्किंग ठेकेदार से अमावस्या पर आंवलीघाट में टेंट सहित अन्य कार्यों पर राशि खर्च करवाई गई थी। अब उसी राशि की वसूली के लिए ठेकेदार को अवैध वसूली की खुली छूट दे दी गई है।
आस्था का केंद्र है आंवलीघाट-
करोड़ों रूपए की राशि की गई खर्च-
आंवलीघाट नर्मदा तट पर करोड़ों रूपए की राशि खर्च करके पूरे घाटे को पक्का बनाया गया है। हालांकि घाट पर बेहद ही घटिया स्तर का कार्य किया गया है। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए यहां पर शेड बनाया गया, लेकिन वह भी जर्जर अवस्था में पहुंचने लगा है। घाट पर गंदगी की भी भरमार रहती है। साफ-सफाई के लिए भी यहां पर बेहतर प्रबंधन नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि सामाजिक संस्थाओं, टाइडेंट ग्रुप द्वारा यहां पर समय-समय पर सफाई अभियान चलाया जाता है।
ये बोले जिम्मेदार-
जनपद पंचायत बुधनी की प्रभारी सीईओ सुप्रिया दुफारे का कहना है कि टेंडर की प्रक्रिया पंचायत स्तर पर हुई थी। वर्तमान में क्या स्थिति है इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। ग्राम पंचायत आंवलीघाट के सचिव प्रकाश दायमा का कहना है कि आंवलीघाट में यातायात व्यवस्था को बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने के लिए पार्किंग ठेके पर दी जाती है। पार्किंग का नया ठेके देने के लिए प्रक्रिया चल रही है। अवैध रूप से कोई पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जा रहा है।