नहीं थम रही जंगलों की अवैध कटाई, आंवलीघाट में पकड़ी सागौन लकड़ी
- 10 नग सागौन लकड़ी के साथ ही टाटा मैजिक गाड़ी भी जप्त
Sumit Sharma
सीहोर। जिलेभर में तमाम कोशिशों के बाद भी जंगलों से अवैध कटाई नहीं रूक पा रही है। यही कारण है कि आए दिन अवैध सागौन की लकड़ी पकड़ाई जा रही है। इस बार रेहटी तहसील के आंवलीघाट में वन विभाग के अमले ने सागौन के 10 नग सहित टाटा मैजिक गाड़ी को भी पकड़ा है। सागौन एवं गाड़ी को रेहटी वन परिक्षेत्र कार्यालय में खड़ा किया गया है। वन विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र रेहटी की टीम में तैनात बायां के बीट गार्ड नवीन कुमार सिंह सहित मंगल सिंह, महेश कीर, शैनीसिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि टाटा मैजिक के लकड़ी भराकर आंवलीघाट की तरफ जा रही है। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने बायां रोड पर गाड़ी को पकड़ने की योजना बनाई। इस दौरान सुबह-सुबह करीब 5 बजे एक टाटा मैजिक आता हुआ दिखाई दिया। इस पर उपर से तिरपाल लगी हुई थी। वन विभाग की टीम ने गाड़ी को रोकना चाहा तो गाड़ी चालक ने गाड़ी को तेजी से भगा दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने भी गाड़ी का पीछा किया और आंवलीघाट के पास आकर गाड़ी की घेराबंदी करके उसे रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें सागौन के 10 नग बरामद किए गए। वन विभाग की टीम ने सागौन के 10 नग सहित टाटा मैजिक वाहन एवं आरोपी भूपेंद्र कुमार बरेले पिता स्व. रामगोपाल निवासी रजुलिया इटारसी रोड नर्मदापुरम को भी पकड़ा। लगातार कट रहे हैं वन- रेहटी वन परिक्षेत्र में लगातार सागौन की लकड़िया पकड़ाई जा रही हैं। दरअसल वन परिक्षेत्र के तहत एक बड़ा क्षेत्र मप्र राज्य वन विकास निगम का भी आता है। वन विकास निगम के पास अमले की भी कमी है, इसके कारण वन विकास निगम के क्षेत्राधिकार वाले जंगल में लकड़ी की कटाई भी आसानी से हो जाती है। अवैध वन माफिया लगातार मप्र राज्य वन विकास निगम के जंगलोें को साफ कर रहा है। वन विकास निगम के जंगलों को मैदान में तब्दील कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी अवैध वन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अवैध वन माफिया जंगलों को साफ करके आसानी से लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। अवैध लकड़ी माफिया रेहटी, भैरूंदा एवं बुधनी तहसील के तहत आने वाले मप्र राज्य वन विकास निगम के जंगलों से लकड़ी काटकर लकड़ी कारोबारियों एवं फर्नीचर मार्ट पर आसानी से सप्लाई कर रहे हैं। रेहटी, भैरूंदा की आरा मशीनों एवं यहां पर संचालित फर्नीचर दुकानों पर भी ये लकड़ी सप्लाई की जा रही है, लेकिन इन दुकानों सहित आरा मशीनों पर भी कार्रवाई नहीं होना सांठगांठ की तरफ इशारा करते हैं।