
रेहटी। रेहटी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों में लकड़ी की अवैध कटाई की जा रही है। वन विभाग द्वारा इन अवैध माफियाओें पर कई बार कार्रवाई की गई, लेकिन इसकेे बाद भी इनके हौसले बुलंद हैं। वन विभाग लगातार इन पर कार्रवाई करके इन अवैध माफियाओें केे कब्जेे सेे सागौन की सिल्लियां बरामद कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी रात में जंगलों से अवैध सागौैन की सिल्लियां कटकर रेहटी में संचालित आरा मशीनों पर आ रही है।
वन विभाग रेहटी की टीम वनों को बचाने के लिए लगातार कार्रवाई करकेे अवैैध वन माफिया पर अंकुश लगा रही है, लेकिन ये अवैध वन माफिया फिर भी चोरी-छिपे रात में जंगलों से सागौन की अवैध कटाई कर रहा है। जंगलों से लकड़ी काटकर पीछे के रास्तेे रेहटी में संचालित आरा मशीनों पर लाई जाती है। यहां पर इनसे सामान बनाकर बेचा जाता है। इस सामान की सप्लाई कई बड़े शहरोें तक में की जाती है।
कार-मोटरसाइकिल सेे लाई जाती है सिल्लियां-
जंगलोें से अवैध लकड़ी काटकर चार पहिया एवं मोटरसाइकिलोें से रेहटी लाई जाती है। यहां पर पीछे के रास्तेे से रातभर यही काम चलता है। नदी के पास स्थित आरा मशीन पर सबसे ज्यादा अवैध सागौन की सिल्लियां लाई जाती हैं। दरअसल यहां तक लाने में अवैध वन माफियाओं को ज्यादा परेशानी नहीं होती है। वे रेहटी नदी की तरफ सेे आकर पीछे सेे लकड़ी उतारकर आसानी से चले जातेे हैं। यहां बता दें कि कुछ समय पहले रेहटी स्थित एक आरा मशीन संचालक की गाड़ी का सेेमरी के पास एक्सीटेंड हो गया था। उस समय उनकी गाड़ी में सागौन की सिल्लियां भरी हुईं थी। जिसेे बाद मेें वन विभाग की टीम नेे जप्त किया था। इसी तरह सेे यह गौरख धंधा आरा मशीन संचालकों द्वारा धड़ल्लेे से चलाया जा रहा है।



