कलेक्टर की मौजूदगी जमौनियां तालाब में डूबे व्यक्ति का सफल रेस्क्यू, टापू पर फंसे लोगों को भी निकाला बाहर

बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने जांची अपनी तैयारी, हुई मॉक ड्रिल

सीहोर। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे जमोनिया तालाब के पास अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सूचना मिली कि एक व्यक्ति पानी में डूब रहा है और कुछ लोग तालाब के बीच बने टापू पर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही कलेक्टर बालागुरू के. सहित एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। हालांकि बाद में पता चला कि यह सब आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए की गई एक मॉक ड्रिल का हिस्सा था।

जैसे ही प्रशासन को सूचना मिलीए रेस्क्यू टीमें तत्काल तालाब में उतरीं। गोताखोरों ने डीप डाइविंग तकनीक का उपयोग कर पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं दूसरी ओर मोटर बोट के जरिए टापू पर फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें लाइफ जैकेट पहनाई गई और सुरक्षित किनारे लाया गया। मौके पर मौजूद लोग प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई और युद्धस्तर पर चले बचाव कार्य को देखकर दंग रह गए।
आधुनिक उपकरणों की लगी प्रदर्शनी
मॉक ड्रिल के बाद एसडीईआरएफ और होमगार्ड के पास उपलब्ध बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें सोनार सिस्टम (पानी के अंदर खोजने वाली तकनीक), डीप डाइविंग सेट, मोटर बोट इंजन और इमरजेंसी लाइट जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
कलेक्टर ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश
कलेक्टर बालागुरू ने बचाव दल की कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जाकर बच्चों और ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दें। कलेक्टर ने विशेष रूप से सीपीआर देने का अभ्यास कराने पर जोर दिया, ताकि आपातकालीन स्थिति में जान बचाई जा सके।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान एसडीएम तन्मय वर्मा, सीएसपी अभिनंदना शर्मा, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नीलमणी लडिया सहित तहसीलदार और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व सीसी निलेश कुमार और पीसी महेंद्र वर्मा द्वारा किया गया।

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