
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम थूना में एक घायल नीलगाय के रिहायशी इलाके में घुसने से हडक़ंप मच गया। वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद नीलगाय को सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।
वन विभाग को सूचना मिली थी कि थूना गांव के पास एक नीलगाय घायल अवस्था में भटक रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचा। नीलगाय घायल होने के कारण डरी हुई थी और इधर-उधर भाग रही थी, जिससे उसे काबू करने में टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। डिप्टी रेंजर के नेतृत्व में वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और पूरी रात की मेहनत के बाद उसे सुरक्षित पकड़ लिया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद मिली आजादी
रेस्क्यू के बाद नीलगाय की चोटों का प्राथमिक उपचार किया गया। जब वह चलने फिरने में सक्षम और स्वस्थ नजर आई तो टीम ने उसे जंगल में छोड़ दिया।
घायल होने का कारण अज्ञात
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नीलगाय जंगल से भटककर आवासीय क्षेत्र में कैसे पहुंची और उसे चोटें कैसे लगीं। कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर या किसी अन्य जानवर के हमले के कारण वह घायल हुई होगी।