
सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सरकारी महिला आईटीआई छात्रावास की बदहाली से तंग आकर छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भोपाल नाका सडक़ पर चक्का जाम कर दिया। कड़ाके की ठंड में ठंडे पानी से नहाने और वाटर कूलर खराब होने के कारण दूषित पानी पीने को मजबूर छात्राओं का आरोप है कि जनसुनवाई में शिकायत के बावजूद प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। सुरक्षा के लिए चौकीदार न होने और कमरों के दरवाजे-खिड़कियां टूटे होने से छात्राएं डर के साये में रहने को मजबूर हैं। घंटों चले इस प्रदर्शन के बाद तहसीलदार के आश्वासन पर जाम खोला गया।
एक दिन पहले मंगलवार को छात्राओं ने जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा बयां की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि वे बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सुरक्षा के नाम पर हॉस्टल में कोई चौकीदार तक तैनात नहीं है। खिडक़ी दरवाजे भी टूटे पड़े हैं। छात्रा करिश्मा, निकिता, प्रियंका, दीपिका सहित कई अन्य छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में मिलने वाला भोजन पूरी तरह गुणवत्ताहीन है। वॉटर कूलर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण छात्राओं को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था न सुधरी तो वे बीमार पड़ सकती हैं। बुधवार को नाराज छात्राओं ने प्रिंसिपल के कमरे में घुसकर हल्ला बोल प्रदशर्न कर दिया। छात्राओं ने प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यहां प्राचार्य उपस्थित नही थे।
चौकीदार नहीं, रात को बीमार होने में भी डर
छात्राओं ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हॉस्टल में कोई स्थायी चौकीदार नहीं है। यदि रात के समय किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने वाला भी कोई नहीं होता। इसके अलावा छात्रावास के शौचालय टूटे हुए हैं और कमरों के दरवाजों में कुंडी तक नहीं है, जिससे छात्राओं को डर के साये में रहना पड़ता है।
कड़ाके की ठंड में ठंडे पानी से नहा रहीं छात्राएं
भीषण ठंड के बावजूद छात्राओं के लिए गरम पानी के लिए गीजर की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं का कहना है कि वे कड़ाके की सर्दी में ठंडे पानी से नहाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं नया सामान कंबल, चादर, गद्दे उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें पुराने और टूटे फूटे गद्दे दिए गए।