जावर पुलिस ने अंधे कत्ल का किया खुलासा, दो आरोपी पंजाब से गिरफ्तार

सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को विधिवत कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत, एसडीओपी आष्टा प्रवीण कुमार चढोकर एवं तत्कालीन एसडीओपी आकाश अमलकर के मार्गदर्शन में थाना जावर पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी हेमंत पांडेय एवं तत्कालीन थाना प्रभारी नीता देअरवाल ने किया। पुलिस के अनुसार दिनांक 06 अक्टूबर को रवि वर्मा (निवासी बड़ा बाजार, आष्टा) ने सूचना दी थी कि इंडियन पेट्रोल पंप के पीछे, मयूर झाला के पास हकीमपुर खोयरा में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना पर थाना जावर में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई।
डीएनए से हुई पहचान
प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो पाई। आसपास पूछताछ के दौरान हार्वेस्टर एजेंट अनिल ठाकुर ने मृतक के कपड़ों के आधार पर आशंका जताई कि शव हार्वेस्टर चालक मिट्टू सिंह का हो सकता है। बाद में परिजनों से डीएनए जांच कराई गई, जिसमें शव की पहचान मिट्टू सिंह के रूप में पुष्टि हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर किसी कठोर एवं धारदार वस्तु से गंभीर चोट लगना मृत्यु का कारण पाया गया।
दो साथियों पर गया शक
जांच के दौरान पता चला कि मृतक आखिरी बार हकीमपुर खोयरा स्थित पेट्रोल पंप के पास अपने दो साथियों के साथ देखा गया था। मृतक के परिजनों ने उनकी पहचान दिलप्रीत उर्फ दिलबर पिता कुलदीप सिंह और परमजीत उर्फ पम्मा पिता फौजा सिंह दोनों निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब के रूप में की। घटना के बाद से दोनों फरार थे।
पंजाब से दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीम ने लगातार पतारसी कर दोनों आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना स्वीकार की। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार तथा हार्वेस्टर मशीन जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, आपसी रंजिश, मनमुटाव और अत्यधिक नशे की लत के चलते आरोपियों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

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