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14 मार्च से लगेगा खरमास, एक महीने तक मांगलिक कार्यों पर रहेगा ब्रेक

सीहोर। सनातन धर्म में शुभ समय और ग्रहों की स्थिति का विशेष महत्व होता है। इसी कड़ी में 14 मार्च से खरमास का प्रारंभ होने जा रहा है। इसके साथ ही विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे तमाम मांगलिक कार्यों पर एक महीने के लिए विराम लग जाएगा।
बालाजी ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार 14 मार्च को आत्मा के कारक सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही मीन संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा और इसी के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह अवधि 14 अप्रैल तक चलेगी, जिसके बाद पुन: शुभ कार्यों की शुरुआत हो सकेगी।
क्यों वर्जित हैं शुभ कार्य
पंडित शर्मा के अनुसार शास्त्रों में खरमास को एक अशुभ अवधि माना गया है। इसके पीछे मुख्य कारण ग्रहों की स्थिति है।
मंद हो जाती है ऊर्जा: जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैै तो उनकी गति और ऊर्जा कुछ मंद हो जाती है, जिससे उनकी शुभता में कमी आती है।
गुरु का प्रभाव कम होना: चूंकि धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं, सूर्य के वहां पहुंचते ही गुरु का प्रभाव भी क्षीण हो जाता है।
अनिवार्य शर्त: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की सफलता के लिए सूर्य और गुरु दोनों का बलवान और शुभ होना अनिवार्य माना गया है। इनके कमजोर होने के कारण ही इस दौरान नया बिजनेस, नया प्रोजेक्ट या संस्कार जैसे कार्य नहीं किए जाते।
इन कार्यों पर रहेगी रोक
विवाह और सगाई संस्कार
गृह प्रवेश और भूमि पूजन
मुंडन और नामकरण संस्कार
नए व्यापार या प्रतिष्ठान का शुभारंभ

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