कोटवारों का अनोखा प्रदर्शन, एसडीएम दफ्तर में गूंजा सुंदरकांड, मांगी सद्बुद्धि

सीहोर। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे जिले के कोटवारों ने अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासनिक बेरुखी से नाराज कोटवारों ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय परिसर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। ढोल-मजीरों की थाप पर नाचते गाते कोटवारों ने भगवान से प्रार्थना की कि सरकार को सद्बुद्धि मिले और उनकी वर्षों से लंबित मांगें पूरी हों।
जिला कोटवार संघ के अध्यक्ष छगनलाल मालवीय ने बताया कि एसडीएम तन्मय वर्मा से मौखिक अनुमति मिलने के बाद यह आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इस भक्तिमय विरोध में तहसीलदार भारत नायक, अमित सिंह, नायब तहसीलदार और पटवारियों सहित तहसील कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। कोटवारों ने नव वर्ष के उपलक्ष्य और अपनी एकजुटता दिखाने के लिए इस धार्मिक मार्ग को चुना।
वर्दी से लेकर वेतन तक, शिकायतों का लंबा अंबार
कोटवारों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। संघ के नेताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोटवारों को पुलिस जैसी वर्दी देकर सम्मान दिया था, लेकिन अब जोकर जैसी वर्दी दी जा रही है, जिसका कोटवारों ने बहिष्कार कर दिया है। वर्ष 2023 में घोषित 500 रुपये की वेतन वृद्धि आज तक लागू नहीं हुई। वेतन भी समय पर नहीं मिलता। कोटवारों को आवंटित जमीनों से दबंगों का कब्जा नहीं हटवाया जा रहा है। कोटवारों की न तो किसान आईडी बन रही है और न ही उन्हें प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
शिवराज की घोषणाएं और मोहन सरकार की चुप्पी
कोटवार संघ के जिला अध्यक्ष छगनलाल मालवीय और उपाध्यक्ष कालूराम ने कहा कि वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो घोषणाएं की थीं, उन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा हम सुंदरकांड के माध्यम से सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में जुटे कोटवार
कार्यक्रम में अमर सिंह, औंकार लाल, देवकरण पंवार, हरिनारायण, बलवान सिंह, मांगीलाल और अशोक मालवीय सहित बड़ी संख्या में जिलेभर के कोटवार शामिल हुए। सुंदरकांड के बाद कोटवारों ने अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।


