
सीहोर। 14 फरवरी से शुरू होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर इस बार पुलिस और प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। पिछले आयोजनों में उमड़ी अपार भीड़ और उससे पैदा हुई स्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन भोपाल संजय तिवारी ने सीहोर पहुंचकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की कमान संभाली।
बता दें महोत्सव के दौरान भोपाल-इंदौर हाईवे पर टै्रफिक का दबाव सबसे बड़ी चुनौती रहता है। इसे देखते हुए आईजी तिवारी, डीआईजी ओम प्रकाश त्रिपाठी और एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने अमलाहा कट पॉइंट से लेकर भाऊखेड़ी और धामंदा तक के डायवर्जन मार्गों का पैदल भ्रमण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की बसों, ऑटो और निजी वाहनों के लिए पार्किंग स्थल ऐसे बनाए जाएं जिससे मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति निर्मित न हो।
कंट्रोल रूम से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
आईजी ने कलेक्टर के. बालागुरु के. साथ कुबेरेश्वर धाम परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम, कथा स्थल, भोजनशाला और अस्पताल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर समिति और पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ हुई चर्चा में यह तय किया गया कि प्रवेश और निकासी के द्वार अलग-अलग और चौड़े रखे जाएंगे ताकि भीड़ प्रबंधन में आसानी हो।
इन व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
यातायात प्लान: रेल, बस और ऑटो से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट चार्ट।
तकनीकी मदद: चप्पे-चप्पे पर एलईडी स्क्रीन और सशक्त अनाउंसमेंट व्यवस्था।
आपातकालीन सेवा: फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पर्याप्त बिजली-पानी की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया।
सुरक्षा घेरा: जिले के अलावा बाहर से आने वाले अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और उनकी ड्यूटी पॉइंट पर ब्रीफिंग।
बैठक में ये रहे मौजूद
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में एएसपी सुनीता रावत, एसडीएम तन्मय वर्मा, सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा, डीएसपी हेमंत पांडे सहित मंडी थाना प्रभारी और यातायात सूबेदार उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 14 से 20 फरवरी के बीच ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।