कुबेरेश्वर धाम में सुरक्षा का अभेद्य किला, 1235 जवानों ने संभाली कमान, एसपी ने कहा- श्रद्धालुओं से रखें शालीन व्यवहार

सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बल को ब्रीफिंग दी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की फाइनल रिहर्सल की गई। आज 12 फरवरी दोपहर से 1235 जवानों का भारी-भरकम बल अपने-अपने ड्यूटी पॉइंट पर तैनात हो जाएगा।
महोत्सव की संवेदनशीलता और लाखों की भीड़ को देखते हुए जिले के अलावा प्रदेश के कई हिस्सों से बल बुलाया गया है। कुल 1235 जवानों की इस टीम में 10 राजपत्रित अधिकारी और भारी संख्या में सशस्त्र बल शामिल हैं।
बाहरी जिलों से मदद: इंदौर, मुरैना, नरसिंहपुर, सागर, दमोह और जबलपुर से लगभग 889 अधिकारी-कर्मचारी सीहोर पहुंचे हैं।
स्थानीय टीम: सीहोर जिले का स्थानीय पुलिस बल, होमगार्ड, वन विभाग, आबकारी विभाग के कर्मचारी और ग्राम रक्षा समिति के सदस्य भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
एसपी की दो टूक
ब्रीफिंग के दौरान एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने ड्यूटी में लगे जवानों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिस का व्यवहार विनम्र और सहनशील होना चाहिए। प्रमुख दिशा-निर्देश कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी। भीड़ का फायदा उठाने वाले आपराधिक तत्वों पर सूक्ष्म नजर रखी जाएगी। हाईवे और डायवर्जन मार्गों पर निरंतर पेट्रोलिंग होगी ताकि सडक़ दुर्घटनाओं की स्थिति न बने। फिक्स पिकेट्स पर लगा बल अपने पॉइंट के आसपास सतत निगरानी रखेगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के जिम्मे कमान
व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए मंदिर परिसर, कथा स्थल और मार्ग व्यवस्था के लिए अलग-अलग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। संपूर्ण व्यवस्था की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत और रक्षित निरीक्षक उपेंद्र यादव संभाल रहे हैं। सभी जवानों को उनके ड्यूटी स्थल और समय के बारे में विस्तार से समझा दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
आज से एक्टिव होगा पूरा अमला
योजना के अनुसार 12 फरवरी की दोपहर से ही पूरा अमला डिप्लॉयमेंट मोड में आ जाएगा। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर हाईवे के अंतिम छोर तक पुलिस की तैनाती रहेगी। रिहर्सल के दौरान अधिकारियों ने उन संभावित जगहों का भी मुआयना किया जहां भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।



