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भैरूंदा में मंडी के बाहर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की कतार, तुलावटियों ने की हड़ताल, बाहर किसानों ने भी कर दिया चक्काजाम

अधिकारियों ने पहुंचकर दी किसानों को समझाईश, शुरू कराई खरीदी, व्यापारियों और तुलावटियों के बीच राशि बढ़ाने को लेकर हुई थी हड़ताल

सीहोर। जिले के भैरूंदा स्थित कृषि उपज मंडी में तुलावटियों ने व्यापारियों द्वारा राशि नहीं बढ़ाने के विरोध में हड़ताल कर दी। प्रत्येक दो वर्ष में एग्रीमेंट के अनुसार तुलावटियों की राशि बढ़ाई जाती है, लेकिन इस वर्ष यह राशि नहीं बढ़ाई गई। तुलावटियों की हड़ताल से नीलामी कार्य भी बंद हो गया। इसके कारण भैरूंदा कृषि उपज मंडी के बाहर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई। नीलामी कार्य बंद होने से किसानों ने भी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके कारण स्थिति बिगड़ने लगी। चक्काजाम की सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, एसडीओपी दीपक कपूर, थाना प्रभारी घनश्याम दांगी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद किसानों से चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया गया। बाद में किसानों ने चक्काजाम खोल दिया एवं अधिकारियों ने नीलामी कार्य शुरू कराया।
भैरूंदा कृषि उपज मंडी हमेशा चर्चाओं में रहती है। कभी इसकी चर्चा यहां की गड़बड़ियोें को लेकर होती है तो कभी व्यवस्थाओं को लेकर होती है। अब कृषि उपज मंडी की चर्चा व्यापारियों एवं तुलावटियों के बीच दरों को बढ़ाने के लिए हो रही है। दरअसल प्रत्येक दो वर्ष में तुलावटियों की दरों में वृद्धि की जाती है। इस वर्ष भी यह वृद्धि होनी थी, लेकिन अब तक नहीं की गई। इसको लेकर तुलावटियों ने मंडी कार्यालय पहुंचकर आवेदन भी सौंपा, लेकिन मंडी प्रबंधन ने इस पर अमल नहीं किया। इससे नाराज होकर तुलावटियों ने हड़ताल शुरू कर दी। इससे किसानों की उपज का नीलामी कार्य बंद हो गया। मंडी के अंदर एवं बाहर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई। किसान दो-दो दिनों से उपनी उपज लेकर मंडी में डेरा लाए हुए हैं, लेकिन उनकी उपज नहीं तुल सकी। इससे गुस्साए किसानों ने भी मंडी के बार चक्काजाम कर दिया।
तुलावटियों की ये है मांग-
मंडी में फसलों की तुलाई करने वाले तुलावटियों की मांग है कि गाड़ी भरने के लिए उन्हें 60 रूपए प्रति टन राशि दी जाए। इसके अलावा व्यापारियों द्वारा भी वर्तमान राशि में 6 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। तुलावटी संघ के अध्यक्ष वनफ सिंह कुमरे ने बताया कि राशि में वृद्धि प्रत्येक दो वर्ष में होती है। इस बार वृद्धि होनी है और इसके लिए मंडी सचिव से भी कहा गया था। मंडी कार्यालय पहुंचकर इसका आवेदन भी दिया था, लेकिन अब तक वृद्धि नहीं हुई तो हमें हड़ताल पर जाना पड़ा। किसानों का कहना है कि
दो दिनों से खड़े किसानों गुस्साए-
भैरूंदा मंडी राला के पास शिफ्ट कर दी गई है। पिछले सीजन में वहां कुछ दिनों नीलामी कार्य भी हुआ, लेकिन अभी वहां पर व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण नीलामी कार्य भैरूंदा स्थित कृषि उपज मंडी में ही किया जा रहा है। मंडी में जगह की कमी के कारण सड़कों पर किसानों के ट्रेक्टर-ट्रॉली खड़े होते हैं। अपनी उपज बेचने के लिए किसानों को दो-दो दिनों तक मंडी में ही रहना पड़ता है। वे अपना कामकाज छोड़कर मंडी में उपज बिकने का इंतजार करते हैं। वर्तमान में गेहूं, चना की उपज बड़ी मात्रा में मंडी में बिकने के लिए आ रही है। दूर-दूर से किसान यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी उपज समय पर नहीं बिक रही है। ऐसे में किसानों के अंदर जमकर गुस्सा है और गुस्साए किसानों ने दोपहर को करीब एक घंटे तक चक्काजाम करके आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया।
इनका कहना है-
मंडी में व्यापारियों के तुलावटियों ने राशि नहीं बढ़ाने को लेकर हड़ताल कर दी। इसके कारण नीलामी कार्य भी बंद हो गया। किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। किसानों से चर्चा कर उन्हें समझाईश दी गई एवं चक्काजाम खत्म कराया। व्यापारियों एवं तुलावटियों से भी चर्चा हुई है। फिलहाल तुलाई कार्य शुरू कराया गया है एवं तुलावटियों की मांग के अनुसार उन्हें राशि दिलाई जाएगी। दो दिनों बाद इस पर फिर से चर्चा की जाएगी।
– मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम भैरूंदा, जिला-सीहोर
व्यापारियों एवं हिम्मालों के बीच दरों को लेकर मतभेद था। इसके लिए हिम्मालों ने हड़ताल कर दी। प्रत्येक दो वर्ष में दरों में वृद्धि की जाती है, लेकिन इस बार हिम्मालों ने नई शर्तें रखी दीं, इसके कारण ये स्थिति बनी। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली एवं नीलामी कार्य शुरू कराया।
– विलियम जार्ज, सचिव, कृषि उपज मंडी, भैरूंदा

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