
सीहोर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र के रायसेन स्थित दशहरा मैदान में राष्ट्रीय स्तर के किसान मेले की तैयारियों का जायजा लिया और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि 11, 12 और 13 अप्रैल को होने वाला यह मेला केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि किसानों की तकदीर बदलने वाला अंतरात्मा का कार्यक्रम है। इस मेले का सीधा लाभ सीहोर जिले के किसानों को मिलेगा, जिनके लिए वैज्ञानिकों की विशेष टीम काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम सीहोर, विदिशा, रायसेन और देवास जिलों की जलवायु (एग्रो क्लाइमेटिक कंडीशंस) और मिट्टी का गहन अध्ययन कर रही है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह तय करना है कि सीहोर की मिट्टी के हिसाब से कौन सी फसलें सबसे अधिक मुनाफा देंगी। इस शोध के आधार पर तैयार कृषि रोडमैप इसी मेले के दौरान जारी किया जाएगा,जो जिले की खेती के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
ंटीग्रेटेड फार्मिंग का मिलेगा प्रशिक्षण
मेले में सीहोर के उन किसानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनके पास कम जमीन है। मंत्री ने कहा कि केवल गेहूं और चावल से पर्याप्त लाभ नहीं होगा। मेले में लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन के जरिए दिखाया जाएगा कि कैसे ढाई एकड़ जमीन पर किसान फल-सब्जी, पशुपालन, बकरी पालन, मधुमक्खी और मछली पालन को जोडक़र अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
बीज से लेकर बाजार तक की जानकारी
यह मेला किसानों की कैपेसिटी बिल्डिंग यानी क्षमता विकास पर केंद्रित होगा। मेले में विशेष सत्र होंगे…
नकली खाद की पहचान: किसानों को असली और नकली खाद व पेस्टीसाइड की पहचान करना सिखाया जाएगा।
आधुनिक मशीनरी: कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली नई मशीनों का प्रदर्शन होगा।
प्रोसेसिंग और बाजार: फसल कटाई के बाद सुरक्षित भंडारण, पैकेजिंग और उसे बाजार में बेहतर दाम पर बेचने के गुर सिखाए जाएंगे।
स्मार्ट एग्रीकल्चर: पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और श्पर ड्रॉप मोर क्रॉप जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कृषक वर्ष में खेती बनेगी लाभ का धंधा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष को कृषक वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में साल भर ऐसी गतिविधियां चलेंगी जिससे खेती की आमदनी बढ़े।