बंदरबाट… गलत नक्शे पर बना डाला ठेकेदार ने करोडों का सरकारी भवन

सीहोर। सरकारी विभागों में ठेकेदार किस प्रकार हावी हैं और वह निर्माण कार्यों में कैसे अपनी मनमानी करते हैं इसकी बानगी कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन सामाजिक न्याय विभाग के भवन में देखने को मिली है। जहां ठेकेदार द्वारा बीते दो सालों से गलत ड्राईंग भवन निर्माण किया जा रहा है और जब इसकी जानकारी आयुक्त तक पहुंची तो आनन-फानन में यहा निर्माण कार्य रूकवाया गया। जबकि विभाग से ठेकेदार को भुगतान भी होता रहा, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी विभागों में गुणवत्ता पीछे है और कमिशनखोरी हावी है। अब लंबे समय से भवन निर्माण का काम रूका पड़ा है। निर्माण की डेटलाईन भी निकल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का नवीन भवन का निर्माण का चल रहा है। पीआईयू विभाग निर्माण एजेंसी है और 4 करोड 22 लाख 89 हजार रुपए की भारी-भरकम लागत से भवन तैयार होना है। लेकिन नवीन भवन निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी और अफसरों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जहां ठेकेदार ने पुरानी ड्राईंग पर ही भवन निर्माण कार्य शुरु कर दिया, जबकि भवन स्वीकृत किसी और नक्शे पर किया गया था। आयुक्त ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य रूकवा दिया है।
दो साले पहले स्वीकृत भवन अधूरा
गौरतलब है कि सामाजिक विभाग नवीन भवन 14 फरवरी 2024 को स्वीकृत हुआ था। एक को ठेकेदार द्वारा मनमानी करते हुए पुराने नक्शे पर भवन निर्माण कर दिया गया वहीं निर्माण कार्य को दो साल हो चुके हैं और भवन अधूरा पडा है। ड्राईंग के विवाद में निर्माण कार्य रूक गया है, जबकि निर्माण की समयावधि भी निकल चुकी है।
अफसरों की आपसी खींचतान
पीआईयू विभाग इन दिनों अफसरों की आपसी विवाद का अखाड़ा बनकर रह गया है। ऐसा लगता है विभाग ठेकेदार चला रहे हैं। एसडीओ और कार्यपालन अभियंता की आपसी खीचतान का फायदा ठेकेदार उठा रहे हैं। निर्माणाधीन कार्यस्थलों के निरीक्षण को लेकर अफसर कितने गैरसंजीदा है इस बात से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि दो साल से गलत ड्राईंग पर भवन निर्माण होता रहा और ठेकेदार का भुगतान भी होता रहा।
पुराने नक्शे पर बनाया
स्वीकृति के समय नया ड्राईंग पीआईयू विभाग को दिया गया था लेकिन ठेकेदार द्वारा पुराने नक्शे पर भवन निर्माण कराया जा रहा था। आयुक्त कार्यालय से निर्माण पर रोक लगाई गई है।
महेश कुमार यादव, सहायक संचालक सामाजिक न्याय विभाग
एसडीओ से बात कीजिए
भवन स्वीकृति मेरे समय नहीं हुई, निर्माण कार्य एसडीओ कपिल त्यागी देखते हैं, वह इस भवन के संबंध में ज्यादा जानकारी दे पाएंगे।
नरेन्द्र कुमार मंडराई, ईई पीआईयू सीहोर



