मनोकामना पूर्ण होने पर सलकनपुर में जलाई जाती है जोत
इस बार नवरात्रि में 125 श्रद्धालुओें ने जोत जलाई, पांच अप्रवासी भारतीयों की भी जल रही है जोत

रेहटी। सीहोेर जिले की रेहटी तहसील स्थित प्रसिद्ध तीर्थ मां बिजासन धाम सलकनपुर में श्रद्धालु-भक्तोें द्वारा अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होेने पर जोत जलाई जाती है। यूं तोे सलकनपुर में 12 माह दो जोत अखंड जलती है। इसमें एक जोेत शुद्ध घी की एवं एक जोत तेल की होती है। ये जोत करीब 500 वर्षों से अखंड जल रही है। घी की जोेत चंद्रमा का स्वरूप है तो वहीं तेल की जोत सूर्य का स्वरूप है। चंद्रमा और सूर्य केे स्वरूप ये दोनोें जोत यहां पर अखंड जल रही है।
चैत्र नवरात्रि में यहां पर भक्तोें द्वारा अपनी मनोेकामनाएं पूर्ण होेने पर जोत जलाई गई है। इस बार 125 भक्त, जिनमें पांच अप्रवासी भारतीय भी हैं, जिन्होेंने भी यहां पर जोत जलाई है। इन भक्तोें ने अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होेने पर मातारानी के मंदिर में जोेत जलाई है। कहा जाता है कि यहां पर आकर जो भी भक्त मां बिजासन से मनोकामना करते हैं और फिर उनकी मनोेकामना पूर्ण हो जाती है तो वे यहां पर नौ दिनोें तक जोत जलवाते हैं। इस दौरान कोई भक्त घी की तो कोेई तेल की जोत जलाता है। इसके लिए बाकायदा उनसे संकल्प लिया जाता है एवं उसके बाद पूजा-अर्चना के साथ जोत प्रकट की जाती है। नौ दिनोें तक यहां पर अखंड जोेत भक्तों द्वारा जलाई जाती है।