
सीहोर। प्रदेशभर सहित सीहोर जिले में चल रहे पुलिस के आॅपरेशन मुस्कान के तहत लगातार गुम एवं अपह्नत बालक-बालिकाओं को खोजा जा रहा है। इसी कड़ी में सीहोर जिले की अमलाहा पुलिस ने भी सफलता प्राप्त की है। अमलाहा पुलिस टीम ने एक बालक को बरामद करके परिजनों के सुपुर्द किया है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 4 फरवरी 23 को स्कूल जाने के डर से एक नाबालिक बालक घर से भाग गया। इस मामले में दिनांक 5 फरवरी 23 को भीलखेड़ी सड़क निवासी फरियादी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनका बेटा बंटी (परिवर्तित नाम) जिसकी उम्र 10 वर्ष है वह 4 फरवरी को सुबह 9 बजे स्कूल जाने के लिए सिविल ड्रेस में निकला था, जो शाम तक वापस घर नहीं आया। इसके बाद थाना आष्टा पुलिस ने गुमशुदगी की धाराओं में अपराध कायम कर अनुंसधान में लिया। गुमशुदा बालक की तलाश के लिए चौकी अमलाहा पुलिस ने बालक के घर से जांच-पड़ताल प्रारम्भ की, जहां से परिजनों ने नाबालिक का जाना बताया था। गांव वाले लोगों सहित स्कूल के आसपास के रहने वाले लोगों से बालक के संबंध में पूछताछ की गई। इसके अलावा अमलाहा पुलिस टीम ने गांव के हाईवे पर स्थित ढाबों पर लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए, जहां से भी बालक के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद अमलाहा पुलिस द्वारा गुम बालक की फोटो एवं इसकी सूचना सोशल मीडिया पर जारी की गई। सोशल मीडिया पर बालक के गुम होने की सूचना कई जगह शेयर हो गई। इसी बीच अमलाहा पुलिस को सूचना मिली की गुमशुदा बालक देवास पुलिस के पास पहुंचा है। देवास पुलिस को गुम बालक अपने बारे में सही जानकारी नहीं दे रहा था, जिसके कारण देवास पुलिस ने बच्चे की देखरेख हेतु बालगृह को सुपुर्द किया। चौकी अमलाहा पुलिस ने बालगृह से संपर्क कर वीडियो कालिंग के माध्यम से बच्चे की पहचान माता-पिता से कराई। वीडियो कालिंग पर माता-पिता द्वारा बच्चे को जैसे ही देखा उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद अमलाहा पुलिस ने बच्चे को विधिवत दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया। इस मामले में निरीक्षक पुष्पेंद्र राठौर थाना प्रभारी आष्टा, उपनिरीक्षक अविनाश भोपले चौकी प्रभारी अमलाहा (थाना आष्टा), सतवीर सिह, गजराज की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।