
सीहोर। जिले में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के नेतृत्व में पूरे जिले में कॉम्बिंग गश्त की गई, जिसमें पुलिस ने महज 5 घंटों के भीतर 142 वारंटियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चली इस कार्रवाई से जिले के बदमाशों में हडक़ंप मच गया।
इस विशेष अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसपी दीपक कुमार शुक्ला खुद अहमदपुर और दोराहा थाना क्षेत्रों में मौजूद रहे। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत ने कोतवाली और बिलकिसगंज में कमान संभाली। जिले के सभी एसडीओपी और नगर पुलिस अधीक्षक भी अपने-अपने क्षेत्रों में थानों की टीमों को लीड करते नजर आए।
142 वारंटी गिरफ्तार, गुंडा-बदमाशों की भी हुई चेकिंग
रात भर चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अपराधियों के घरों पर दबिश दी। अभियान के प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे कि कुल 142 वारंटी पकड़े गए, जिनमें से 54 स्थाई वारंटी और 88 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। 127 सूचीबद्ध गुंडा-बदमाशों और निगरानी बदमाशों के ठिकानों पर जाकर उनकी उपस्थिति चेक की गई। भैरूंदा पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक आरोपी को पकड़ा, वहीं मंडी पुलिस ने आईटी एक्ट में फरार चल रहे एक अपराधी को गिरफ्तार किया।
कोतवाली पुलिस रही सबसे आगे
जिले के सभी थानों में सक्रियता दिखी, लेकिन सबसे अधिक सफलता कोतवाली थाना पुलिस को मिली, जिन्होंने 28 वारंटियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा आष्टा और भैरूंदा पुलिस ने 15-15, अहमदपुर पुलिस ने 12 और श्यामपुर पुलिस ने 10 वारंटियों को पकडऩे में सफलता हासिल की।
टीम को मिलेगा इनाम
एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि अपराध नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से जिले में इस तरह की प्रभावी गश्त आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने इस सफल अभियान के लिए पुलिस टीम की सराहना की और घोषणा की कि कॉम्बिंग गश्त में शामिल टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।