पुलिस की सख्ती और जागरूकता का दिखा असर, 2024 के मुकाबले 2025 में घटीं सडक़ दुर्घटनाएं

सीहोर। जिला पुलिस द्वारा यातायात नियमों के पालन को लेकर साल भर चलाए गए जागरूकता अभियानों और सख्त कानूनी कार्यवाही का सुखद परिणाम सामने आया है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में सीहोर पुलिस ने वर्ष 2025 में न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसी, बल्कि सडक़ हादसों में होने वाली मृत्यु दर में भी कमी लाने में सफलता हासिल की है।
पुलिस के अनुसार जारी एक साल के आंकड़े बताते हैं कि प्रभावी चेकिंग और इंटरसेप्टर वाहन के उपयोग से दुर्घटनाओं के ग्राफ में गिरावट आई है। वर्ष 2024 में 1172 सडक़ हादसे हुए, जबकि 2025 में 1087, 2024 में 1218 लोग घायल हुए थे, जबकि 2025 में 976, वर्ष 2024 में 295 लोगों की जान गई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घटकर 287 है।
16 हजार चालान, 86 लाख जुर्माना
वर्ष 2025 के दौरान यातायात नियमों को ताक पर रखने वाले 16,169 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। इनसे कुल 86 लाख 19 हजार 700 रुपये का शमन शुल्क जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले 28 चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई।
तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग पर प्रहार
तेज गति: इंटरसेप्टर वाहन की मदद से ओवरस्पीडिंग करने वाले 269 चालकों पर कार्यवाही कर 1 लाख 47 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नशे में ड्राइविंग: शराब पीकर वाहन चलाने वाले 53 चालकों को सीधे न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उन पर कुल 4 लाख 31 हजार 100 रुपये का अर्थदंड लगाया।
क्यों होते हैं हादसे, पुलिस ने पहचाने मुख्य कारण
पुलिस द्वारा की गई समीक्षा में सडक़ दुर्घटनाओं के तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं, जिनमें अत्यधिक तेज गति से वाहन चलाना। शराब के नशे में ड्राइविंग करना। प्रतिबंधित क्षेत्र या गलत दिशा में वाहन चलाना।
एसपी श्री शुक्ला की अपील
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा किए यातायात नियम केवल दंड देने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। एक छोटी सी लापरवाही न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी जानलेवा हो सकती है। नियम पालन कर स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। पुलिस ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2026 में भी यह जागरूकता और प्रभावी कार्यवाही का सिलसिला सतत जारी रहेगा।


