नशामुक्त सीहोर के लिए पुलिस की प्रभावी कार्रवाई, साल भर में दबोचे गए 1000 से ज्यादा तस्कर और शराब माफिया

सीहोर। जिले को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए सीहोर पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देश पर पूरे साल चली विशेष मुहिम में पुलिस ने न केवल अवैध शराब और गांजा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि एक हजार से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पुलिस की इस सक्रियता और मजबूत मुखबिर तंत्र के कारण नशे के सौदागरों में हडक़ंप मचा रहा।
आबकारी अधिनियम के तहत पुलिस ने रिकॉर्ड कार्यवाही की है। वर्ष 2025 में कुल 983 मामले दर्ज किए गएए जिनमें 1004 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 7,832 लीटर अवैध शराब बरामद की, जिसकी बाजार में कीमत 33 लाख 07 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों पर प्रहार करते हुए पुलिस ने 15 कारें, 12 मोटरसाइकिलें और यहां तक कि एक नाव भी जप्त की है। शाहगंज, गोपालपुर और जावर जैसे थाना क्षेत्रों में शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं।
गांजा तस्करों पर भी नकेल
नशीले पदार्थों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में भी पुलिस का डंडा जमकर चला। साल भर में 25 प्रकरण दर्ज कर 30 आरोपियों को दबोचा गया। पुलिस ने करीब 60 किलो गांजा जप्त किया, जिसका अनुमानित मूल्य 9 लाख 68 हजार रुपये है। कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाही में करीब 4 किलो गांजे के साथ 14 लाख 45 हजार रुपये की भारी भरकम नगदी भी बरामद की। वहींए तस्करी में लिप्त एक अपराधी के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक की सबसे कठोर कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
सिर्फ कार्यवाही नहीं, जागरूकता संदेश भी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत पुलिस केवल डंडे के दम पर नहीं, बल्कि संवाद के जरिए भी नशे को खत्म करने में जुटी है। इस अभियान के माध्यम से जिले के लगभग 60 हजार नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
सीहोर पुलिस का संकल्प
पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के अवैध व्यापार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में भी नशे के सौदागरों के खिलाफ यह सख्ती और जागरूकता का अभियान इसी तेजी के साथ जारी रहेगा।


