शिक्षा के मंदिर में सियासी घमासान, एक्सीलेंस कॉलेज विवाद पहुंचा थाने, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज

सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज इन दिनों पढ़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुका है। प्राचार्य और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच जारी विवाद गुरुवार को कोतवाली थाने की दहलीज तक जा पहुंचा। हालात यह थे कि देर शाम थाना परिसर किसी कॉलेज कैंपस की तरह नजर आने लगाए जहां एक तरफ कॉलेज स्टाफ डटा था तो दूसरी ओर कांग्रेसी नेता।
बता दें पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर प्राचार्य और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। इसी के विरोध में गुरुवार शाम कॉलेज का समस्त शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ एकजुट होकर थाने पहुंचा। स्टाफ ने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोगों ने कॉलेज में घुसकर प्राचार्य के साथ अभद्रता की और सरकारी काम में रुकावट डाली। स्टाफ का कहना है कि ऐसे तत्वों की वजह से कॉलेज में भय का माहौल है और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।
एनएसयूआई का आरोप, प्राचार्य ने दी जातिसूचक गालियां
इधरए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ता भी शिकायत लेकर थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विवाद 6 जनवरी को तब शुरू हुआ जब वे एक पेड़ भविष्य के नाम अभियान के तहत कॉलेज में पौधारोपण करने गए थे। एनएसयूआई नेताओं ने प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व शर्मा पर आरोप लगाया कि उन्होंने न केवल पौधारोपण से रोका, बल्कि अनुसूचित जाति के छात्रों के प्रति जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज से होगा दूध का दूध और पानी का पानी
कॉलेज प्रशासन ने इसे संस्था की छवि बिगाडऩे की साजिश बताया है, वहीं एनएसयूआई ने मांग की है कि कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए। सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो सकेगा कि परिसर में कब, कौन दाखिल हुआ और असली विवाद की वजह क्या थी।



