
सीहोर। विजयादशमी के पावन पर्व पर आज मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू होगा। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हालांकि मुख्य विसर्जन स्थल पर पानी की कमी को लेकर एक हल्की सी अड़चन आई, जिसे प्रशासनिक मुस्तैदी से तुरंत दूर कर लिया गया।
बता दें शहर में प्रतिमा विसर्जन का मुख्य केंद्र बस स्टैंड के पास स्थित टाउन हॉल का विसर्जन कुंड है। विसर्जन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले स्थानीय किसानों द्वारा मोटर पंप लगाकर इस कुंड के पानी से फसलों की सिंचाई करने का मामला सामने आया। किसानों द्वारा पानी खींचे जाने से कुंड का जलस्तर अचानक करीब दो फीट कम होकर 14 फीट पर आ गया। जबकि सुचारू रूप से विसर्जन संपन्न कराने के लिए कम से कम 15 से 16 फीट पानी की आवश्यकता होती है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अमले ने तुरंत मोर्चा संभाला और पास ही स्थित बोरवेल से पाइपलाइन डालकर कुंड में तेजी से पानी भरना शुरू किया।
यातायात में विशेष बदलाव, एक तरफ का मार्ग रहेगा बंद
विसर्जन जुलूस और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। आज मंगलवार सुबह से अदालत तिराहे से लेकर बस स्टैंड तक फोरलेन सडक़ के एक हिस्से को आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस बंद किए गए एक तरफा के मार्ग का उपयोग केवल विसर्जन कुंड तक प्रतिमाओं के वाहनों को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गोताखोर तैनात
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मुख्य विसर्जन स्थल पर मोटर बोट के साथ प्रशिक्षित गोताखोरों की एक विशेष टीम तैनात की गई है। टाउन हॉल के अलावा सीवन नदी के दो प्रमुख घाट महिला घाट और इलाही माता मंदिर घाट पर भी प्रतिमा विसर्जन के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से माता को विदाई दे सकें।