Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

कुबेरेश्वर धाम में कल से रुद्राक्ष महोत्सव का महाकुंभ, उमड़ेगा आस्था का सैलाब, होटल-लॉज सब फुल

सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में शनिवार 14 फरवरी से ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव और भव्य शिवपुराण कथा का आगाज होने जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस सात दिवसीय महोत्सव के लिए कुबेरेश्वर धाम को महाकुंभ की तर्ज पर सजाया गया है। आयोजन 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। आस्था का आलम यह है कि महोत्सव शुरू होने के दो दिन पहले ही हजारों लोग सीहोर पहुंच चुके हैं और शहर के तमाम होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं पूरी तरह हाउसफुल हो चुकी हैं।
इधर विठ्ठलेश सेवा समिति ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 1200 से अधिक सेवादारों को मैदान में उतारा है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के मालेगांव, नासिक और जलगांव से श्री शिवाय नमस्तुभ्यं सेवाभावी संस्था के 500 से अधिक सदस्य अपने खर्च पर सीहोर पहुंचे हैं। ये स्वयंसेवक एक निर्धारित ड्रेस कोड में रहकर अनुशासन के साथ भीड़ नियंत्रण और सेवा कार्य संभालेंगे। इसके अलावा अखंड हिंद फौज के बालक-बालिकाएं भी तैनात रहेंगे।

निशुल्क भोजन और विशाल पंडालों की व्यवस्था
विठ्ठलेश सेवा समिति के पंडित समीर शुक्ला और विनय मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की निरंतर व्यवस्था की गई है। कथा के लिए 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट का स्थाई पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक लाख लोगों के बैठने की क्षमता है। इसके अतिरिक्त तीन अन्य विशाल पंडाल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी भक्त को खुले आसमान के नीचे न बैठना पड़े।
प्रशासनिक अमला अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा
जिला प्रशासन ने इस बड़े आयोजन की सफलता के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने चितावलिया हेमा स्थित कार्यक्रम स्थल के रास्तों का निरीक्षण कर चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की है। पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और पार्किंग के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी आए आगे
पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर सीहोर के स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने निस्वार्थ भाव से सेवा का संकल्प लिया है। नगर के कई मंदिरों और सामुदायिक भवनों में श्रद्धालुओं के ठहरने और चाय-नाश्ते का प्रबंध किया गया है। मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित के अनुसार पूरा क्षेत्र एक बार फिर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए उसी तरह तैयार है जैसे कांवड़ यात्रा के दौरान रहता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button