सीहोर के इतिहास में पहली बार होगा सहस्त्र चंडी महायज्ञ

18 जनवरी से शुरू होगा 10 दिवसीय दिव्य अनुष्ठान, देश भर से आएंगे 108 विद्वान ब्राह्मण

सीहोर। शहर के प्राचीन करोली माता मंदिर में आगामी 18 जनवरी से एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। यहां पहली बार सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जो 27 जनवरी तक चलेगा। इस दिव्य अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसकी कमान विवेक राठौर को सौंपी गई है।
मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि यज्ञ की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर विधि-विधान के साथ होगी। पहले दिन दोपहर 3 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 19 जनवरी की सुबह 7 बजे अग्नि स्थापना के साथ नियमित हवन-पूजन शुरू होगा, जो प्रतिदिन शाम 5 बजे तक चलेगा।

108 विद्वान कराएंगे अनुष्ठान
यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के मार्गदर्शन में देश भर से आए 108 विद्वान ब्राह्मण इस अनुष्ठान को संपन्न कराएंगे। 10 दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठए पंचांग पूजन और हवन होगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति, आरोग्य और समृद्धि लाना है।

भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
यज्ञ के दौरान मंदिर परिसर में भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। भक्तों के लिए प्रतिदिन भंडारे का आयोजन होगा। इसके साथ ही कन्या पूजन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनता से इस महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

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