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सीहोर: नेशनल लोक अदालत में 8 करोड़ 20 लाख 98 हजार 418 रुपए के 1509 प्रकरणों का हुआ निराकरण

सीहोर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सीहोर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील न्यायालयों में वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण पुण्य कार्य है, क्योंकि इससे दो पक्षों का विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। लोक अदालत की परंपरा आदिकाल से हमारे समाज में विद्यमान है। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में भी प्रकरणों की संख्या कम होती है तथा पक्षकारों का धन एवं समय भी बचता है।
नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि सभी लोक सेवक की प्राथमिकता जनता की सेवा करना होना चाहिए एवं प्रत्येक योजना तथा प्रक्रिया का मूल उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित लाभ पहुंचाना होना चाहिए। नेशनल लोक अदालत त्वरित एवं सुलभ न्याय का अच्छा अवसर है। सभी लोगों को नेशनल लोक अदालत में आकर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कहा कि न्यायपालिका एवं प्रशासनिक विभाग सहित सभी को परस्पर समन्वय स्थापित कर पक्षकारों को लाभ पहुंचाने का कार्य करना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी ने नेशनल लोक अदालत के आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले सभी पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पौधे भी वितरित किए गए।
1509 प्रकरणों का हुआ निराकरण-
वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 19 खंडपीठ गठित की गई। इन खंडपीठों में नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराने के लिए न्यायालय में लंबित कुल 5792 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 485 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर होकर समझौता राशि 6 करोड़ 51 लाख 41 हजार 153 रूपए जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ के समक्ष कुल प्रीलिटिगेशन 18401 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 1024 प्रकरणों का निराकरण कर समझौता राशि एक करोड़ 69 लाख 57 हजार 265 रूपए जमा कराई गई। नेशनल लोक अदालत में कुल 1509 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसमें 8 करोड़ 20 लाख 98 हजार 418 रुपए की समझौता राशि जमा हुई।
उपभोक्ता फोरम के मामलों का भी हुआ निराकरण-
वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की लोक अदालत भी आयोजित की गई। इसमें कुल 16 मामले निराकृत किए गए। इन 16 मामलों में 8 लाख 76 हजार 135 रूपए समझौता राशि जमा की गई।
अलग रह रहे दम्पति को खुशी-खुशी विदा किया-
नेशनल लोक अदालत में प्रकरण क्रमांक 80/2022 एवं आरसीएस 14/22 पति वसीम एवं पत्नि रानी द्वारा एक-दूसरे के विरूद्ध प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे। दोनों की दो संतानें हैं। दोनों के मध्य अत्यधिक विवाद होने से दोनों विगत दो साल से अलग-अलग निवास कर रहे थे। दोनों के मध्य तलाक की स्थिति बन गई थी। आवेदिका ने स्वयं एवं बच्चों के भरण-पोषण के लिए कुटुम्ब न्यायालय सीहोर में प्रकरण लगाया था एवं पति द्वारा धारा 9 का प्रकरण लगाया गया था। इस विचाराधीन मामले में न्यायालय के पीठासीन अधिकारी सुमन श्रीवास्तव द्वारा दोनों पक्षों को कई बार समझाईश देते हुए दोनों पक्षों की आपसी सहमति के आधार पर राजीनामा करवाया गया। दोनों पति-पत्नी ने सभी की उपस्थिति में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और राजीनामा कर दोनों पक्ष खुशी-खुशी घर लौटे। नेशनल लोक अदालत में भारी संख्या में प्रकरणों के निराकरण में पक्षकारों एवं अभिभाषक की उत्सुकता देखी गई। अधिकांश पक्षकार अपने प्रकरण का निराकरण समझौते के माध्यम से होने से चेहरे पर मुस्कान लेकर विदा हुए।
यह थे उपस्थित-
नेशनल लोक अदालत में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रविन्द्र भारद्वाज, विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुमन श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का आभार जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, तृतीय जिला न्यायाधीश अभिलाष जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना नायडू बोडे एवं न्यायाधीश निधु श्रीवास्तव, कु इकरा मिन्हाज सहित एनजीओ के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्यालय सीहोर के पैनल एवं अन्य अधिवक्ता, खंडपीठ सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, पक्षकार, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालेन्टियर्स उपस्थित थे।

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